Patna: नेपाल के तराई क्षेत्र में गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्र में हो रही भारी बारिश के मद्देनजर बिहार में विशेष सतर्कता बरती जा रही है. संभावित स्थिति को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों के साथ गंडक, बागमती और कोसी नदी तंत्र से जुड़े संवेदनशील जिलों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है. स्थिति की समीक्षा के लिए आपदा प्रबंधन विभाग में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई. बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। सीतामढ़ी, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, वैशाली, गोपालगंज, सारण, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, कटिहार, खगड़िया और बेगूसराय के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े.

नदियों के जलस्तर और तटबंधों पर निगरानी

सभी संवेदनशील जिलों में नदियों के जलस्तर और प्रवाह की लगातार निगरानी करने को कहा गया है. निचले इलाकों, तटबंधों, नदी किनारे बसे गांवों, पुल-पुलियों और संपर्क मार्गों पर भी विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं. हालांकि कोसी नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है, इसके बावजूद कोसी क्षेत्र के जिलों को सतर्क रहने को कहा गया है.

NDRF- SDRF तैयार, नाव और रेस्क्यू उपकरण रखने के निर्देश

संभावित बाढ़ या जलजमाव की स्थिति से निपटने के लिए NDRF और SDRF को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है. संबंधित जिलों में पर्याप्त संख्या में नाव, लाइफ जैकेट, रेस्क्यू उपकरण और अन्य जरूरी संसाधन तैयार रखने को कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ते ही राहत और बचाव अभियान शुरू किया जा सके.

माइकिंग से होगी अग्रिम चेतावनी, जरूरत पर सुरक्षित स्थानों पर भेजी जाएगी आबादी

संभावित प्रभावित क्षेत्रों में माइकिंग के जरिए लोगों को समय रहते मौसम और जलस्तर की स्थिति की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं. आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित आबादी को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए भी प्रशासन को पहले से तैयारी रखने को कहा गया है.

प्रशासन को अफवाहों से बचाने और लोगों को जागरूक करने का निर्देश

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जनप्रतिनिधियों और आम लोगों को स्थिति की सही जानकारी देने को कहा. उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान स्थिति को लेकर घबराने या अफवाहों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है. प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और संवेदनशील क्षेत्रों में जरूरी संसाधनों को स्टैंडबाय मोड में रखा जा रहा है.
आपदा की स्थिति में जिला प्रशासन, पुलिस, जल संसाधन विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग समेत सभी संबंधित विभागों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं. आपातकालीन सहायता के लिए आपदा प्रबंधन विभाग के टोल फ्री नंबर 1070 पर संपर्क किया जा सकता है.

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