Patna: बाँका जिले के बौंसी थाना क्षेत्र अंतर्गत ऐतिहासिक मंदार पर्वत परिसर में युवती के साथ हुई अभद्रता और उसके बाद वीडियो वायरल किए जाने के मामले में पुलिस को सफलता मिली है. बांका एसपी अमितेश कुमार के निर्देशन एवं बौंसी एसडीपीओ के नेतृत्व में गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आरोपी बांका जिले के पंजवारा थाना क्षेत्र के चकाई के रहने वाले अनंत कुमार, विभीषण कुमार, बाराहाट थाना क्षेत्र के चिहार निवासी मो अब्दुल्ला का नाम शामिल है. इसके अलावे दो विधि विरुद्ध बालक को निरुद्ध किया गया है.
घर लौटने के दौरान दिया घटना को अंजाम
घटना के संबंध में पीड़िता से प्राप्त बयान के अनुसार 3 जून को पीड़िता बौंसी बाजार से दूध देकर वापस घर लौट रही थी. इसी दौरान गांव के ही दो युवकों, अनंत और विभीषण ने उसे घर छोड़ने के बहाने बाईक पर बैठाया और सुनसान जगह ले जाकर उसके साथ गलत नीयत से बदसलूकी व छेड़खानी करने लगे.
ब्लैकमेल कर वसूले गए रुपए
छेड़खानी के दौरान ही वहां पांच अन्य युवक आ पहुंचे. दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद एक युवक ने इस घटना का वीडियो बना लिया. वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल न करने के एवज में 20,000 रुपये की रंगदारी मांगी गई. मौके पर अनंत द्वारा 1,500 रुपये मो० अब्दुल्ला के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए, जिसके बाद पीड़िता को वहां से जाने दिया गया.
पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी, आरोपी शिकंजे में
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बांका पुलिस ने एसआईटी का गठन कर तकनीकी एवं पारंपरिक अनुसंधान के आधार पर छापेमारी की. पुलिस ने बौंसी थाना (कांड संख्या 248/26 व 253/26) में दर्ज मामले के तहत मुख्य आरोपी अनंत कुमार (19 वर्ष), विभीषण कुमार (20 वर्ष) और मो० अब्दुल्ला (21 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है. इसके अलावा घटना में शामिल दो विधि विरुद्ध बालकों को भी निरुद्ध किया गया है.
वीडियो शेयर करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी प्राथमिकी
पुलिस ने साफ किया है कि पीड़िता की पहचान और गरिमा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने के मामले में बांका साइबर थाना द्वारा 49 ‘X’ (ट्विटर) यूजर्स तथा 01 इंस्टाग्राम यूजर के खिलाफ भी विभिन्न धाराओं (पॉक्सो एक्ट, आईटी एक्ट आदि) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि महिलाओं की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले और सोशल मीडिया पर भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी.
