Patna: ग्रामीण सड़कों पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर लाइन ऑफ साइट को बाधित करने वाले स्थलों पर शत-प्रतिशत रेट्रो-रिफ्लेक्टिव ट्रैफिक साइन लगाने का काम शुरू कर दिया गया है. सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए इन्हें लगाना अनिवार्य कर दिया गया है. ग्रामीण विकास विभग के स्तर से इसे लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं. इसके अनुसार, ग्रामीण पथों पर जेब्रा क्रॉसिंग का निर्माण, गांव के नाम के बोर्ड, किलोमीटर स्टोन और 200 मीटर स्टोन को स्थापित करना हर हाल में सुनिश्चित किया जाए.

ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव श्री दिवेश सेहरा की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय कार्यों में लापरवाही बरतने वाले संवेदकों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. विभागीय मुख्यालय में हुई इस बैठक में विभाग के अभियंता और विभिन्न योजनाओं के नोडल पदाधिकारी मौजूद थे. बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचना को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए ग्रामीण कार्य विभाग हर स्तर पर सशक्त मॉनीटरिंग कर रहा है.

इस बैठक में विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी पथों के मुख्य सूचना पट्टों पर “हमारा बिहार हमारी सड़क” ऐप के उपयोग से संबंधित सूचना आगामी 31 मई तक अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है. इसके साथ ही विभागीय निविदा प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भी सख्त कदम उठाए गए हैं. बैठक ने स्पष्ट किया है कि दिसंबर 2025 से अबतक संपन्न विभागीय निविदा समिति की बैठकों में जिन निविदाकारों के फर्जी दस्तावेज पाए गए हैं या जिन्होंने एलओए मिलने के बावजूद एकरारनामा नहीं किया है, उन्हें अविलंब ब्लैकलिस्ट करते हुए उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए. इसके अतिरिक्त जिन संवेदकों द्वारा निर्धारित मानकों से कम दर पर निविदा प्रस्तुत कर रेट जस्टिफिकेशन नहीं दिया गया है, उनसे स्पष्टीकरण मांगते हुए नियमानुकूल कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं की गुणवत्ता की भी जांच की जाएगी. विभाग ने गुणवत्ता नियंत्रण को और अधिक मजबूत बनाने के लिए क्वालिटी कंट्रोल सेल को पुनर्गठित करने का निर्णय लिया है, जिसमें परमानेंट फ्लाइंग स्क्वॉड के गठन के साथ-साथ क्षेत्रीय और मुख्यालय स्तर की प्रयोगशालाओं का उन्नयन किया जाएगा.

समीक्षा बैठक के दौरान वित्तीय अनियमितता और कार्य में शिथिलता को लेकर कड़ा रुख अपनाया गया. जिन कार्य प्रमंडलों द्वारा खराब गुणवत्ता के बावजूद संवेदकों को परफॉरमेंस सिक्योरिटी राशि वापस की गई है, ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी. साथ ही, बैंक गारंटी का ससमय नवीनीकरण नहीं कराने वाले कार्यपालक अभियंताओं से स्पष्टीकरण मांगने और ईएमडी रिफंड तथा राशि जब्ती के मामलों का साप्ताहिक और मासिक स्तर पर अनुश्रवण करने के निर्देश जारी किये गए हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्कता को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से सात निश्चय-3 और ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम के तहत पथों की चौड़ाई 3.75 मीटर से बढ़ाकर 5.5 मीटर करने के लिए ग्रिड नेटवर्क तैयार कर आगामी 15 मई तक कार्ययोजना प्रस्तुत करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

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