Patna: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को भागलपुर समाहरणालय में श्रावणी मेला-2026 और विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक की. उन्होंने साफ कहा कि विक्रमशिला सेतु पर जब तक आवागमन सुचारू नहीं होता, तब तक आमजनों को नाव पर कोई शुल्क नहीं लगेगा. निजी दोपहिया-चारपहिया से भी शुल्क नहीं लिया जाएगा. सेतु का पुनर्स्थापन कार्य 30 नवंबर से पहले पूरा कर उद्घाटन होगा.
श्रावणी मेला-2026: सुरक्षा-सुविधा टॉप प्रायोरिटी
CM ने कहा कि श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था और सुरक्षित वातावरण देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. बैठक में भागलपुर DM डॉ. नवल किशोर चौधरी, मुंगेर DM निखिल धनराज निप्पानिकर और बांका DM नवदीप शुक्ला ने प्रेजेंटेशन दिया. स्विस कॉटेज, टेंट सिटी, नए गेस्ट हाउस पेयजल, शौचालय, चेंजिंग रूम, सड़क चौड़ीकरण, मेडिकल-एंबुलेंस की तैनाती, पर्याप्त पुलिस बल, बैरिकेडिंग, आपातकालीन माइकिंग, भीड़ नियंत्रण, कृष्णगढ़ चौक पोखर का सौंदर्यीकरण, म्यूजिकल फाउंटेन, सुईया, कटोरिया, चानन के धर्मशाला को पर्यटन नीति से जोड़कर सालभर फंक्शनल बनाया जाएगा. CM ने निर्देश दिया कि 15 जून तक सभी बंद चापाकल चालू हों. कांवरिया पथ के जर्जर बिजली तार मेला शुरू होने से पहले बदलें. फूड क्वालिटी की रैंडम जांच हो. तूफान-वज्रपात को ध्यान में रखकर स्ट्रक्चर बनें.
विक्रमशिला सेतु: 30 नवंबर तक परिचालन का लक्ष्य
पत्रकारों के सवाल पर CM ने कहा कि 30 जून तक हर हाल में सेतु पर वाहनों का परिचालन शुरू होगा. क्षतिग्रस्त हिस्से का काम तेजी से चल रहा है. सुपर स्ट्रक्चर के लिए निर्माण एजेंसी से दोबारा अध्ययन कराया जाएगा. तब तक पार्किंग शुल्क पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.
विक्रमशिला विश्वविद्यालय: गौरवशाली इतिहास की वापसी
CM ने कहा कि विक्रमशिला विवि को पुनर्स्थापित करना है. जमीन अधिग्रहण में तेजी लाएं. 15 जून के पहले भारत सरकार को पत्र भेजें. अस्थाई संचालन के लिए बिहार कृषि विवि, सबौर को चिन्हित किया गया है.
गंगा पथ पर निर्देश
मुंगेर-सुल्तानगंज-सबौर 4 लेन गंगा पथ और भागलपुर गंगा पथ की अड़चनों का त्वरित समाधान करें. यह डॉल्फिन इलाका है, एलिवेटेड पथ से जलजमाव की समस्या भी दूर होगी.
203 करोड़ की 84 योजनाओं की सौगात
CM ने रिमोट से 69 योजनाओं का उद्घाटन और 15 का शिलान्यास किया. कुल लागत 203 करोड़ रुपए.
