Patna: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गयाजी, राजगीर और नालंदा को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं देने का निर्देश दिया. ‘संकल्प सभागार’ में पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कई बड़े फैसले लिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार अध्यात्म, इतिहास और संस्कृति का केंद्र है. हमारा लक्ष्य है कि गयाजी, राजगीर और नालंदा आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलें. बुनियादी ढांचे में सुधार, कॉरिडोर निर्माण और होमस्टे से पर्यटन बढ़ेगा और युवाओं को रोजगार मिलेगा. बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, पर्यटन सचिव सह मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के एमडी नंद किशोर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

बैठक के 10 बड़े फैसले

सस्ती हेलिकॉप्टर सेवा: मां मुंडेश्वरी मंदिर, करकटगढ़ जलप्रपात और राजगीर के लिए अनुदानित दर पर हेलिकॉप्टर सेवा शुरू होगी.

वाल्मीकिनगर वायुसेवा: शनिवार-रविवार को पर्यटकों के लिए रियायती दर पर वायुसेवा शीघ्र शुरू होगी.

एंड-टू-एंड सेवा: पटना से प्रस्थान से लेकर वापसी तक बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम ‘एंड-टू-एंड’ सेवा देगा.  कॉरिडोर निर्माण: विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर और महाबोधि मंदिर कॉरिडोर का काम शीघ्र शुरू होगा.

राजगीर ग्लोबल हब: राजगीर को आध्यात्मिक शिक्षा का वैश्विक केंद्र बनाया जाएगा.

नालंदा पैकेज: नालंदा को वैश्विक ज्ञान और सांस्कृतिक केंद्र बनाने के लिए विशेष एकीकृत पैकेज तैयार होगा.

पीपीपी मॉडल: पर्यटन में निवेश और प्रबंधन के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप को बढ़ावा.

पावापुरी विकास: पावापुरी मंदिर परिसर के चहुंमुखी विकास की विशेष योजना बनेगी.

ग्रामीण पर्यटन: स्थानीय संस्कृति और रोजगार बढ़ाने के लिए ग्रामीण पर्यटन पहल शुरू होगी.

होमस्टे नीति: पारंपरिक मेहमाननवाजी और रोजगार के लिए ‘होमस्टे’ नीति को बड़े पैमाने पर बढ़ावा.

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