Patna: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सख्त लहजे में कहा है कि “सड़कों एवं पुलों के निर्माण की गुणवत्ता और रख-रखाव में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.” बुधवार को ‘संकल्प सभागार’ में पथ निर्माण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ किया कि जनता को सुरक्षित और सुगम सड़क संपर्क देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने विभिन्न सड़क-पुल परियोजनाओं की प्रगति और रख-रखाव की विस्तृत जानकारी दी. बैठक में पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत समेत विभाग के वरीय अधिकारी मौजूद थे. मुख्यमंत्री ने कहा: “जनता को सुरक्षित, सुगम एवं गुणवत्तापूर्ण सड़क संपर्क उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. परियोजनाएं ससमय एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण हों.
“हर पुल का सेफ्टी ऑडिट जरूरी
मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि राज्य के सभी पुलों का विशेषज्ञों से नियमित निरीक्षण कराया जाए. निर्धारित मानकों के अनुरूप हर पुल का सुरक्षा ऑडिट सुनिश्चित हो. पुराने पुलों की हालत पर खास नजर रखी जाए.
पैसे की कमी नहीं होगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्याधीन सड़कों एवं पुलों के निर्माण तथा रख-रखाव के लिए धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी. वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता और बेहतर प्रबंधन से परियोजनाएं समय पर पूरी हों.
क्वालिटी से समझौता नहीं
सभी सड़कों एवं पुलों का गुणवत्तापूर्ण रख-रखाव सुनिश्चित करने को कहा. निर्माण और अनुरक्षण में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई होगी.
गंगा पथ पर तेजी लाएं
मुंगेर (सफियाबाद)-बरियारपुर-घोरघट-सुल्तानगंज-भागलपुर-सबौर फोरलेन गंगा पथ परियोजना को हाइब्रिड एन्यूटी मोड पर कराने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करें ताकि पूर्वी बिहार की कनेक्टिविटी मजबूत हो और आर्थिक-पर्यटन विकास को गति मिले.
आधुनिक सड़क नेटवर्क पर जोर
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सुरक्षित, सुदृढ़ एवं आधुनिक सड़क अवसंरचना के निर्माण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. जनता को गुणवत्तापूर्ण सड़क संपर्क देना प्राथमिकता है.
