Patna: भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को बड़ी सफलता मिली है. ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने सोमवार को बांका जिला परिषद कार्यालय में 1,26,000 रुपये रिश्वत लेते हुए 2 लोगों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपी में निजी सहायक ओम प्रकाश मंडल, निजी सहायक और रात्रि प्रहरी जागेश्वर मंडल का नाम शामिल है. दोनों आरोपी को बांका जिले क मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के कार्यालय कक्ष से रिश्वत लेते पकड़ा गया.
5 के विरुद्ध प्राथमिकी, 2 गिरफ्तार
परिवादी अवध किशोर कुमार ने पटना स्थइत निगरानी ब्यूरो में शिकायत की थी. उन्होंने बताया कि नाला के साथ पीसीसी सड़क निर्माण कार्य का बिल भुगतान करने के एवज में जिला परिषद के कर्मियों द्वारा रिश्वत मांगी जा रही है. ब्यूरो द्वारा सत्यापन में शिकायत सही पाई गई. सत्यापन में पता चला कि लोक सेवक और गैर लोक सेवक मिलकर सरकारी योजनाओं में अवैध वसूली कर रहे हैं. इस संबंध में निगरानी थाना (कांड सं0- 90/26) में सहायक अभियंता सुधीर कुमार, कनीय अभियंता मगरूफ, चेयरमैन राजेन्द्र यादव, चेयरमैन, ओम प्रकाश मंडल और जागेश्वर मंडल के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया.
रिटायरमेंट के बाद भी कर रहा था दलाली
ओम प्रकाश मंडल जिला परिषद से कनीय अभियंता के पद से 31 जनवरी 2020 को सेवानिवृत्त हुए थे. इसके बाद वे निजी तकनीकी सहायक बनकर दलाली कर रहे थे. गिरफ्तारी के बाद उनके आवास की तलाशी में एसबीआई खाते में 4 लाख रुपये से अधिक जमा और बांका आजाद चौक में 2000 वर्गफीट का दो तल्ला निर्माणाधीन मकान मिला. उनकी एसबीआई और सेंट्रल बैंक की राशि फ्रीज करा दी गई है. दोनों आरोपी को भागलपुर स्थित निगरानी विशेष न्यायालय में उपस्थापित किया जाएगा. अन्य 3 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है.
