Patna: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज ‘संकल्प सभागार’ में जल संसाधन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जेपी गंगा पथ पर एक लाख पौधारोपण का लक्ष्य तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा तट और ऐतिहासिक विरासत राज्य की अमूल्य संपदा हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि जेपी गंगा पथ को केवल सड़क नहीं, बल्कि पर्यटन, मनोरंजन एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाया जाए. यह परियोजना पटना की नई पहचान बन सकती है. गंगा तट क्षेत्र का विकास दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है. सभी योजनाओं पर समयबद्ध कार्रवाई हो. बैठक में मुख्य सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, जल संसाधन सचिव डॉ० चन्द्रशेखर सिंह, बुडको एमडी अनिमेश पराशर, नगर आयुक्त यशपाल मीणा सहित कई अधिकारी उपस्थित थे.

बैठक के मुख्य फैसले

1 लाख पौधारोपण: जेपी गंगा पथ पर लक्ष्य तेजी से पूर्ण करने का निर्देश.

पाटलिपुत्र की पहचान: प्राचीन गौरवगाथा एवं ऐतिहासिक पहचान पुनर्स्थापित करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनेगी.

पीपीपी मॉडल: सिंचाई विभाग के निरीक्षण भवनों के रख-रखाव के लिए पीपीपी और डीबीओएम मॉडल का आकलन होगा. भवनों को आधुनिक अतिथि गृह में बदला जाएगा.

कुर्जी से काली घाट: गंगा तट क्षेत्र के समग्र विकास के लिए ‘समग्र उद्यान’ योजना तैयार होगी. पर्यटकीय सुविधाएं, हरित क्षेत्र बढ़ेंगे.

पर्यटन प्रचार: राज्य के सभी पर्यटन स्थलों की सही जानकारी का देश-विदेश में व्यापक प्रचार-प्रसार होगा.

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