Patna: राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों का विकास और यहां की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में जुटी है. इसमें सबसे अहम भूमिका निभाने वाली जीविका दीदियों को उनके कार्य कौशल में अधिक दक्ष बनाने के लिए विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी. इसके बाद विभिन्न क्षेत्रों में अपनी मेहनत के बलबूते अलग-अलग उत्पाद तैयार करने वाली दीदियों के हुनर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त पहचान दिलाने में खासा मदद मिलेगी. राज्य में सक्रिय करीब 13 लाख स्वयं सहायता समूहों से एक करोड़ 81 लाख से भी ज्यादा दीदियां जुड़ी हुई हैं. यानी प्रत्येक समूह से कम से कम 10-12 की संख्या में यह दीदियां जुड़कर जीविकोपार्जन से संबंधित अलग-अलग गतिविधियां संचालित कर रही हैं.
इनमें मुख्य रूप से सिलाई-कढ़ाई, रसोई, लाइब्रेरी, नर्सरी आदि संचालन का पूरा कार्यभार इन दीदियों ने संभाल रखा है. ग्रामीण विकास के साथ दूसरे विभागों के आपसी सहयोग में आने वाले दिनों में राज्य के प्रत्येक ग्राम पंचायत में इन दीदियों को डेयरी संचालन की भी जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी की जा रही है.
जीविका दीदियों के द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पाद और उसकी उचित बाजार तक पहुंच सुनिश्चित कराने की मंशा से ग्रामीण विकास विभाग लगातार योजनाओं पर काम कर रहा है. हाल ही में विभागीय मंत्री श्रवण कुमार ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जीविका दीदियों को विशेष ट्रेनिंग दिलाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय.
इधर, जीविका के अधिकारियों का कहना है कि मंत्री और प्रधान सचिव से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में ही समूहों से जुड़ीं इन दीदियों के लिए अलग-अलग जिलों में विशेष ट्रेनिंग सत्र का आयोजन किया जा रहा है. इसमें इन दीदियों को सिलाई-कढ़ाई, पशुपालन के साथ ही दूसरे कई क्षेत्रों में कौशल विकास से संबंधित जानकारी विशेषज्ञों की टीम दे रही है.
हाल ही में हाजीपुर के बिहार सुधारात्मक प्रशासनिक संस्थान (बीका) में स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं जीविका दीदियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया. इसमें 250 से भी अधिक दीदियों ने भाग लिया.
फ्लिपकार्ट के विशेषज्ञों ने इन सभी दीदियों को अपने उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री, डिजिटल मार्केटप्लेस और ई-कॉमर्स के माध्यम से व्यवसाय का विस्तार करने संबंधी प्रशिक्षण दिया था.
सूबे के ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार भी जीविका दीदियों के कार्यों की सराहना कई बार कर चुके हैं. साथ ही इन्हें सशक्त बनने के लिए कर स्तर पर उन्हें खास मदद प्रदान करवा रह हैं. बैंक से लोन दिलवाना हो या वित्तीय सहायता सभी विभाग के स्तर से दिए जा रहे हैं.
