Patna: बिहार में सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल अब भारी पड़ रहा है. साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई ने जनवरी 2026 से अब तक राज्य भर में फर्जी प्रोफाइल, डीपफेक, फेक न्यूज और महिलाओं के खिलाफ साइबर अपराध पर बड़ी कार्रवाई की है. इकाई के अनुसार बीते 6 महीने में 475 मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई और 103 आरोपी को गिरफ्तार किया गया. साथ ही 1320 आपत्तिजनक URL/पोस्ट हटवाए गए और 529 फर्जी सोशल मीडिया ID निष्क्रिय कराई गईं. इसके लिए विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को 692 कानूनी नोटिस भी भेजे गए.
इन पर सबसे ज्यादा कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि सबसे ज्यादा मामले महिलाओं और बालिकाओं के नाम से फर्जी ID बनाकर अश्लील सामग्री डालने, AI से डीपफेक वीडियो बनाने, साइबर स्टॉकिंग, ऑनलाइन उत्पीड़न और मॉर्फ्ड फोटो से जुड़े हैं. इसके अलावा फेक न्यूज, अफवाह, साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले पोस्ट और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट पर भी त्वरित कार्रवाई की गई है.
24×7 निगरानी
अधिकारियों का कहना है कि Cyber Police Stations और जिला पुलिस के समन्वय से सोशल मीडिया की लगातार मॉनिटरिंग हो रही है. डिजिटल साक्ष्य और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर भारतीय न्याय संहिता 2023 और IT एक्ट 2000 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है. साइबर इकाई ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया के दुरुपयोग के मामले में “Zero Tolerance” अपनाई गई है. महिलाओं की गरिमा, कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाले किसी भी कंटेंट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इकाई ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारीपूर्वक करें. फेक न्यूज, डीपफेक और अफवाह फैलाना गंभीर अपराध है.
