Ranchi: कोलकाता में नाम बदलकर रह रहे कुख्यात कॉन्ट्रेक्ट किलर को रांची पुलिस गिरफ्तार कर लिया है. 20 लाख रुपये सुपारी के लिए रांची कारोबारी पर फायरिंग और अनिल टाईगर हत्याकांड में वांछित चल रहा था. गिरफ्तार अपराधी अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ सुरज सिन्हा रांची के कोतवाली थाना क्षेत्र के शिवगंज, हरमु रोड का रहने वाला है. रांची पुलिस लंबे समय से आरोपी के तलाश में बिहार, यूपी, बंगाल समेत अन्य राज्यों में तलाश कर रही थी. गिरफ्तार अपराधी अभिषेक कुमार सिन्हा कोलकाता में करीब 6 माह से रह रहा था. वहां अपना नाम राजीव कुमार रखा था. दुकान पर काम करता था. आरोपी फोन का इस्तेमाल नही करता था. इस वजह से कहा था कि पुलिस नही पकड़कर सकती है. अभिषेक कुमार सिन्हा राहगीर का मोबाईल का इस्तेमाल करता था. ग्रामी एसपी ने बताया कि जंगी एप, इंस्टाग्राम के माध्यम से बातचीत करता था. कोलकाता में रहकर सक्रिय था. आरोपी से पुछताछ के लिए रिमांड पर लिया जाएगा. अगर पकड़ाया नही जाता तो कोई अप्रिय घटना घट सकती थी. आरोपी क स्पीडी ट्रायल के माध्यम से सजा दिलाया जाएगा. अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ सुरज सिन्हा का पूर्व अपराधिक इतिहास रहा है. आरोपी के विरुद्ध नामकुम, कांके जीआरपी बोकारो, चास थाना और हजारीबाग मुफ्फसिल थाना में मामला दर्ज है.
दुकान के पास ही कारोबारी में जानलेवा हमला
15 अक्टूबर 2025 को कटहल मोड़ के पास स्थित सांभवी इंटरप्राईजेज के मालिक राधेश्याम साहु को उनके दुकान के पास ही दो अज्ञात अपराधियों ने अंधाधुन फायरिंग कर जानलेवा हमला किया गया था. जिसमें राधेश्याम साहु गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इस संबंध में नगड़ी थाना (कांड सं0-160/25) में मामला दर्ज किया गया. ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया गया. लगातार अनुसंधान एवं छापामारी के क्रम में कुछ संदिग्ध के बारे में पता चला था तथा पुलिस उनकी तलाश में लगी हुई थी. पुलिस दो शुटरों को पहले ही जेल भेजा है. घटना को अंजाम दिलाने वाले मुख्य सरगना अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ सुरज सिन्हा पुलिस की पकड़ से फरार चल रहा था. जिसकी तलाश अनिल टाईगर हत्या के बाद से ही राँची पुलिस कर रही थी. एसएसपी को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ सुरज सिन्हा कोलकता में छिप कर रह रहा है. सूचना पर ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में एक छपामारी दल का गठन किया गया. छपामारी दल आरोपी को कोलकता से गिरफ्तार कर रांची लाया. पूछ-ताछ के क्रम में आरोपी ने बताया कि 20 लाख रू0 सुपारी के लिए कारोबारी पर फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया. अन्य अपराधियों के विरूद्ध छापामारी जारी है. अभिषेक सिन्हा उर्फ सुरज सिन्हा पूर्व में भी जेल जा चुका है तथा कांके थाना क्षेत्र में अनिल महतो उर्फ अनिल टाईगर की हत्याकांड सहित कई मामले में वांछित चल रहा था.
5 लाख की सूपारी लेकर अनिल टाईगर को मारी थी गोली
26 मार्च 2025 को कांके थाना क्षेत्र के कांके चौक पर अवस्थित शिव मंदिर के पास के होटल में अनिल महतो उर्फ अनिल टाईगर की अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दिया था. अनुसंधान के क्रम में घटना में संलिप्त 2 शूटरों अमन सिंह एवं रोहित वर्मा अनिल महतो उर्फ अनिल टाईगर की रेकी करने वाले सहित 6 आरोपी को पूर्व में न्यायिक हिरासत में भेजते हुए आरोप-पत्र समर्पित किया गया है. मामले का पूरक अनुसंधान जारी है. पूरक अनुसंधान के क्रम में देवव्रत नाथ शाहदेव के मुख्य सहयोगी एवं साजिशकर्ता अभिषेक सिन्हा उर्फ सुरज सिन्हा के विरूद्ध ज्ञात तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्य के आधार पर गिरफ्तार किया गया है. अनुसंधान के क्रम में यह ज्ञात हुआ है कि कांके थाना क्षेत्र के चामगुरु मौजा में देवव्रत नाथ शाहदेव की 10 एकड़ पुश्तैनी भूखंड का विगत कई वर्षों से विवाद स्थानीय जोतकारों से चला आ रहा था. इस विवाद में जोतकारों का पक्ष अनिल महतो उर्फ अनिल टाईगर के द्वारा देवव्रत नाथ के पास रखा जा रहा था तथा जोतकार एवं देवव्रत नाथ के मध्य भूमि विवाद के संबंध में अनिल महतो एवं देवव्रत नाथ शाहदेव के बीच कई बार मध्यस्थता एवं वार्ता भी हुई थी जो विफल रही. जिसके परिणामस्वरूप देवव्रत नाथ शाहदेव उक्त भूखंड पर न तो दखल कब्जा कर पा रहा था न ही विक्रय कर पा रहा था. इस समस्या से विचलित होकर देवव्रत नाथ शाहदेव ने किशोरगंज स्थित अपने घर के पास रहने वाले आदतन अपराधी अभिषेक सिन्हा उर्फ सूरज सिन्हा के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची. देवव्रत नाथ शाहदेव के द्वारा अनिल टाईगर की हत्या के लिए 05 लाख की सुपारी सूरज सिन्हा को दी गई जिसमें कुछ रकम बैंक ट्रांजेक्शन के माध्यम से सूरज सिन्हा के खाते में डाली गयी. साथ ही देवव्रत नाथ शाहदेव के द्वारा अभिषेक सिन्हा उर्फ सूरज सिन्हा को यह भी प्रलोभन दिया गया कि चामगुरु मौजा में जमीन बेचने में से प्राप्त रकम से उसे भी सम्मानजनक हिस्सा दिया जायेगा. वारदात को अंजाम देने के लिए देवव्रत नाथ शाहदेव ने सूरज सिन्हा को मोबाईल, सिम भी उपलब्ध कराया था. अनिल महतो उर्फ अनिल टाईगर की हत्या की साजिश रांची एवं कोलकत्ता में रची गई थी. अनिल टाईगर के प्रत्येक गतिविधि की रेकी देवव्रत नाथ शाहदेव एवं सूरज सिन्हा ने कराया. तथा 26 मार्च 2025 को घटना का अंजाम दिया गया.
