Ranchi: राजस्व संबंधी शिकायतों और लंबित मामलों को लेकर रांची जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्व मामलों में अनावश्यक विलंब और लापरवाही करने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों पर अब जुर्माना लगाया जाएगा. समाहरणालय स्थित एनआईसी सभागार में आयोजित राजस्व समीक्षात्मक बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने कहा कि आम नागरिकों को त्वरित एवं पारदर्शी सेवाएं देना प्राथमिकता है. बैठक में सदर एसडीओ, अपर समाहर्त्ता, बुण्डू एसडीओ, एलआईडीसी सहित सभी अंचल अधिकारी उपस्थित थे. उपायुक्त ने कहा कि जो पदाधिकारी जानबूझकर मामलों को लंबित रखेंगे या कार्य में अनावश्यक विलंब करेंगे, उनके विरुद्ध जुर्माना लगाया जाएगा. आम नागरिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पर मजबूर करने वालों के प्रति जिला प्रशासन जीरो टॉलरेंस अपनाएगा.
लंबित म्यूटेशन पर समीक्षा
बैठक में अंचलवार लंबित म्यूटेशन मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई. जिन अंचलों में लंबित मामलों की संख्या अधिक पाई गई, वहां के अंचल अधिकारियों को त्काल निष्पादन और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया. उपायुक्त ने कहा कि प्रत्येक लंबित मामले की व्यक्तिगत निगरानी होगी और शिकायत मिलने पर संबंधित की जवाबदेही तय होगी.
अमीनों की उपलब्धता पर जोर
राजस्व कार्यों में गति लाने के लिए उपायुक्त ने अमीनों की रिक्तियों की समीक्षा की. उन्होंने अपर समाहर्त्ता को आवश्यकतानुसार प्रशिक्षित अमीनों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि भूमि मापी एवं अन्य राजस्व कार्य समय पर संपन्न हो सकें. उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों को पारदर्शिता, जवाबदेही एवं संवेदनशीलता के साथ काम करने को कहा. उन्होंने दोहराया कि जनहित सर्वोपरि है और राजस्व प्रशासन में लापरवाही करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा.
