Patna: बिहार में सड़क एवं राजमार्ग परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने की दिशा में सरकार ने कवायद तेज कर दी है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में राज्य में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग एवं NHAI की विभिन्न परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की. बैठक में निर्माण कार्यों में तेजी लाने, अड़चनों को दूर करने और सड़क निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया.

पटना-पूर्णिया से गोरखपुर-सिलीगुड़ी तक परियोजनाओं की समीक्षा

बैठक में पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे, गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे, मुजफ्फरपुर-बरौनी फोरलेनिंग, डुमरिया घाट पुल, दरभंगा-सुपौल हाईवे, खगड़िया-पूर्णिया, मुजफ्फरपुर-सोनवर्षा सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई. वहीं NH-22 और NH-31 के अनीसाबाद-दीदारगंज खंड में सर्विस रोड के साथ छह लेन एलिवेटेड रोड, दानापुर-बिहटा कॉरिडोर, बिहटा-कोइलवर अपग्रेडेशन, छह लेन ग्रीनफील्ड वाराणसी-रांची-कोलकाता हाईवे, आमस-दरभंगा, मुंगेर-मिर्जाचौकी, बाकरपुर-मानिकपुर-साहेबगंज कॉरिडोर, सीवान-मशरख, पटना-आरा-सासाराम फोरलेन कॉरिडोर, सिक्स लेन गंगा ब्रिज और पटना रिंग रोड समेत अन्य परियोजनाओं की भी अद्यतन स्थिति जानी गई.

NH-139 और NH-333 को फोरलेन करने की तैयारी

बैठक में औरंगाबाद एवं अंबा बाईपास के साथ NH-139 को फोरलेन बनाने का निर्देश दिया गया. इसके अलावा NH-333 के बरियारपुर-गंगटा-जमुई खंड को फोरलेन करने के लिए डीपीआर तैयार करने को कहा गया. मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने तथा निर्माण में आ रही समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया.

AI से होगी निर्माण कार्यों की निगरानी

सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने स्पष्ट किया कि गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा. परियोजनाओं की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. निर्धारित मानकों के अनुरूप काम नहीं करने वाले संवेदकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

बिहार की सिल्ट नीति को गडकरी ने बताया मॉडल

सड़क निर्माण में नदी की गाद यानी सिल्ट के उपयोग के लिए बिहार सरकार की ओर से बनाई गई नीति की केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सराहना की. उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे पूरे देश के लिए मॉडल बताया. नीति के माध्यम से उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा मिलने और सड़क निर्माण को अधिक प्रभावी बनाने की उम्मीद जताई गई.

सड़क नेटवर्क मजबूत होने से बढ़ेंगी आर्थिक गतिविधियां

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में सड़क संपर्क और आवागमन बेहतर होगा. इससे व्यापार, पर्यटन, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी. उन्होंने आधुनिक, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सड़क नेटवर्क के विकास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई.

मुख्यमंत्री ने बिहार में केंद्र सरकार की सड़क परियोजनाओं को तीव्र गति से पूरा कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के प्रति आभार भी व्यक्त किया.

बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह समेत राज्य सरकार के कई वरीय अधिकारी तथा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारी मौजूद रहे.

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