Patna: शराब से जुड़े कांड की प्राथमिकी दर्ज करने में तथ्यों की गड़बड़ी और पुलिसकर्मियों की लापरवाही के मामले में मुंगेर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. जांच में गड़बड़ी के ठोस साक्ष्य मिलने के बाद मुफस्सिल थानाध्यक्ष समेत 9 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. इनमें मुफस्सिल थानाध्यक्ष एसआई राजेश कुमार शर्मा, एसआई नुरेन अंसारी, एसआई वीरेन्द्र कुमार, सिपाही मन्नू कुमार, क्यूआरटी हसनपुर प्रशांत कुमार, निलेश कुमार, सरज कुमार, विनोद सिंह यादव और मुफस्सिल थाना के चौकीदार कृष्णदेव पासवान का नाम शामिल है.
शराब कांड में गड़बड़ी की मिली थी शिकायत
मुंगेर एसपी को मुफस्सिल थाना अंतर्गत शराब से जुड़े कांड दर्ज करने में तथ्यों की गड़बड़ी किए जाने की सूचना मिली थी. सूचना की जांच के लिए अंचल पुलिस निरीक्षक, मुफस्सिल को अधिकृत किया गया. अंचल पुलिस निरीक्षक ने जांच कर अपनी रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक को सौंपी.
जांच में सामने आई पुलिसकर्मियों की भूमिका
जांच रिपोर्ट में दो पुलिस पदाधिकारियों को दोषी पाया गया. इसके बाद दोनों को 26 सितंबर को सामान्य जीवनयापन भत्ता पर निलंबित करते हुए मामले में विस्तृत जांच के लिए डीएसपी मुख्यालय को नामित किया गया. डीएसपी मुख्यालय ने थाने पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज, थाने में संधारित अभिलेख और छापेमारी में शामिल पुलिसकर्मियों से पूछताछ की. विस्तृत जांच के बाद प्रस्तुत रिपोर्ट में थानाध्यक्ष मुफस्सिल समेत अन्य पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों की लापरवाही सामने आई.
प्राथमिकी में तथ्यों की गड़बड़ी के मिले ठोस साक्ष्य
जांच रिपोर्ट में शराब से संबंधित प्राथमिकी दर्ज करने में तथ्यों की गड़बड़ी किए जाने के ठोस साक्ष्य मिले. साथ ही मुफस्सिल थाना के अन्य पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों की संलिप्तता के बिंदु पर भी साक्ष्य प्राप्त हुए. पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई से आम जनता के बीच पुलिस की छवि भी प्रभावित हुई. जांच रिपोर्ट के आधार पर मुफस्सिल थानाध्यक्ष समेत 9 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सामान्य जीवनयापन भत्ता पर निलंबित किया गया है. मुंगेर पुलिस की ओर से कहा गया है कि मामले में जांच के आधार पर कार्रवाई की गई है और पुलिस व्यवस्था में लापरवाही अथवा अनियमितता को लेकर विभागीय स्तर पर सख्ती बरती जा रही है.
