Patna: बिहार के तकनीकी शिक्षा को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में बड़ा कदम. राज्य के 44 पॉलिटेक्निक संस्थानों में संचालित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की गुणवत्ता अब और बेहतर होगी. विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को हुई समीक्षा बैठक में 7 निश्चय-3 के तहत चल रहे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को NIRF-NBA से आच्छादित करने और ISO सर्टिफिकेशन दिलाने का निर्णय लिया गया.

44 पॉलिटेक्निक में CoE, 26,710 छात्र उत्तीर्ण.

बैठक में बताया गया कि राज्य में संचालित 46 पॉलिटेक्निक में से 44 संस्थानों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस चल रहा है. इन सेंटर से अब तक 26,710 छात्र उत्तीर्ण हो चुके हैं. विकास आयुक्त ने कहा कि अब इन सभी सेंटर की क्वालिटी को और अपग्रेड किया जाएगा.

क्वालिटी अपग्रेडेशन के निर्देश 

NIRF-NBA मान्यता: सभी पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेजों को राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क NIRF और नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रिडिटेशन NBA से कवर कराने के लिए आवेदन भेजे जाएंगे. इससे शिक्षा की गुणवत्ता और प्लेसमेंट बेहतर होगा.

ISO + इंफ्रास्ट्रक्चर: पॉलिटेक्निक को ISO सर्टिफिकेशन दिलाने की पहल। हर संस्थान में स्पोर्ट्स क्लब बनेगा. भवन की चारदीवारी के चारों तरफ वृक्षारोपण, सोलर सिस्टम और रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य होगा.

नए स्किल कोर्स: सभी तकनीकी संस्थानों में सोलर टेक्निशियन, इलेक्ट्रिक व्हीकल, बैट्री मेंटेनेंस, शिपिंग और रोबोटिक्स कोर्स शुरू कराए जाएंगे. इंजीनियरिंग कॉलेजों में एनवायरमेंट क्लियरेंस का कोर्स, सिविल वर्क प्रमाणीकरण के लिए क्वालिटी कंट्रोल लैब और एनवायरमेंट क्लियरेंस सर्टिफिकेट की व्यवस्था भी होगी.

इंडस्ट्री लिंकेज: इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माता कंपनियों जैसे टाटा, महिंद्रा, हुंडई के साथ कम से कम 1 तकनीकी संस्थान को जोड़ने का निर्देश. इससे छात्रों को कंपनी में सीधा प्रशिक्षण और प्लेसमेंट का मौका मिलेगा.

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