Patna: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के निजी स्कूलों में मनमानी रोकने, फीस को नियंत्रित करने और छात्रों तथा अभिभावकों के हितों की रक्षा करने के लिये महत्वपूर्ण कदम उठाया है. अब निजी विद्यालयों को सभी प्रकार के शुल्कों का विवरण सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा. निजी विद्यालयों द्वारा पुनर्नामांकन शुल्क एवं अन्य प्रतिबंधित शुल्क नहीं लिया जायेगा. इससे निजी स्कूलों के द्वारा फीस की मनमानी बढ़ोतर एवं अनावश्यक शुल्क पर रोक लगेगा. अब निजी स्कूल के छात्र-छात्राओं के अभिभावक अपनी सुविधानुसार किसी भी दुकान या बिक्रेता से पुस्तकें एवं पठन-पाठन सामग्री तथा अन्य सामग्री खरीद सकते हैं. संबंधित निजी विद्यालय विनिर्दिष्ट दुकान से एवं विनिर्दिष्ट ब्रांड का सामान खरीदने के लिये बाध्य नहीं कर सकता है. साथ ही अब अभिभावक अपनी सुविधानुसार किसी भी दुकान या बिक्रेता से पोशाक खरीद सकते हैं. छात्र-छात्राओं के शुल्क बकाया रहने की स्थिति में भी कक्षा, परीक्षा अथवा परिणाम से वंचित नहीं किया जायेगा, जब तक की प्रचलित नियमों के अनुसार आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण न की गयी हो. उक्त आदेशों के उल्लंघन पर निजी विद्यालय संचालकों पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था से राज्य में शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी, न्यायसंगत और सुलभ बनेगी.

 

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