Patna: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि कौशल विकास से बिहार की बेटियां हुनरमंद होंगी, आत्मनिर्भर होंगी और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनायेंगी. मुख्यमंत्री गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहटा के सिकंदरपुर में 99.97 करोड़ रुपये की लागत से 4 एकड़ भूमि पर बनने वाले राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (महिला), पटना के स्थाई परिसर का शिलान्यास किया.
संकल्प’ सभागार से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का शिलान्यास सिर्फ भवन निर्माण नहीं है, बल्कि बिहार की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने, आत्मनिर्भर बनने और आत्मविश्वास का अवसर उपलब्ध कराएगा. कौशल विकास ही समृद्ध बिहार की मजबूत नींव है. युवाओं, विशेषकर महिलाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से सशक्त बनाकर ही समृद्ध बिहार और विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि कौशल विकास का उद्देश्य युवाओं को केवल रोजगार पाने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाना है. बिहार की बहनें-बेटियां स्किल्ड होकर देश को आगे बढ़ाएंगी.
बिहार में कौशल का विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में वर्तमान में लगभग 1,500 कौशल प्रशिक्षण केंद्र संचालित हैं. अब तक 12 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और 1 लाख 38 हजार युवा अभी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं. राज्य में 38 इंजीनियरिंग कॉलेज और 46 पॉलिटेक्निक संस्थान कार्यरत हैं. सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में मात्र 10 रुपये और पॉलिटेक्निक में 5 रुपये शुल्क पर गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा दी जा रही है. संस्थानों में लैंग्वेज लैब भी स्थापित की गई हैं जहां छात्र जापानी, जर्मन, फ्रेंच सीख रहे हैं.
बड़ा समझौता
कार्यक्रम के दौरान बिहार सरकार और भारत सरकार के कौशल विकास मंत्रालय के बीच Skill India International Centre (SIIC) की स्थापना के लिए MOU पर हस्ताक्षर हुए. इससे बिहार के युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण देकर विदेशों में रोजगार के अवसर मिलेंगे. राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (महिला) का उद्देश्य राज्य की युवतियों को आधुनिक तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर हुनरमंद बनाना है. अब तक बिहार की युवतियों को प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों जाना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें अपने राज्य में ही सुविधा मिलेगी.
