Patna: बिहार सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है. अब दूसरे राज्यों में पंजीकृत चिकित्सक, नर्स एवं संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवर स्व-प्रमाणन के आधार पर बिहार में प्रैक्टिस कर सकेंगे. इसके लिए स्थानीय पंजीकरण या पूर्ववर्ती राज्य से NOC की जरूरत नहीं होगी.
26 जून से लागू हुए 2 अध्यादेश
राज्य सरकार ने बिहार चिकित्सा (संशोधन) अध्यादेश, 2026 तथा बिहार नर्सेज पंजीकरण (संशोधन) अध्यादेश, 2026 को 26.06.2026 से लागू कर दिया है. अब राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग या किसी राज्य चिकित्सा परिषद में पंजीकृत डॉक्टर और भारतीय नर्सिंग परिषद या अन्य राज्य नर्सिंग परिषद में पंजीकृत नर्स केवल पोर्टल पर स्व-प्रमाणन अपलोड कर बिहार में काम कर सकेंगे.
संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवरों को भी छूट
बिहार राज्य संबद्ध एवं स्वास्थ्य देखभाल परिषद (संशोधन) नियमावली, 2026 अधिसूचित कर दी गई है. इसके तहत फिजियोथेरेपिस्ट, लैब टेक्नीशियन, ऑप्टोमेट्रिस्ट, ऑक्युपेशनल थेरेपिस्ट सहित अन्य संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवर भी स्व-प्रमाणन से काम कर सकेंगे.
एकीकृत हेल्थ लाइसेंसिंग पोर्टल बनेगा
स्वास्थ्य संस्थानों के सभी लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन के लिए एकीकृत डिजिटल हेल्थ लाइसेंसिंग पोर्टल विकसित होगा. NIC द्वारा बनाए जा रहे इस पोर्टल से आवेदन, स्वीकृति और निर्गमन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी. यह निवेशकों के लिए सिंगल प्वाइंट ऑफ कॉन्टैक्ट होगा.
मंत्री निशांत का बयान
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि इन सुधारों से बिहार में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा, कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ेगी और निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा. यह नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की दिशा में अहम कदम है.
EoDB को नई गति
पंजीकरण और लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं पूर्णतः डिजिटल बनाकर सरकार Ease of Doing Business को नई गति दे रही है
