Ranchi: ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) रांची जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में 3.87 करोड़ रुपये की 11 अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं. यह कार्रवाई PMLA 2002 के तहत की गई है. ईडी ED ने M/s Santosh Construction और उसके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई की है. इनमें संतोष कुमार सिंह, मृत्युंजय कुमार उर्फ सोनू सिंह, मनीष कुमार, बैजनाथ गंझू, राजेश कुमार गंझू और रविंद्र गंझू का नाम शामिल है.

क्या है मामला

ईडी की जांच एनआईए द्वारा दर्ज 2 मामले के आधार पर शुरू हुई थी. ये मामला पहले लातेहार जिले के चंदवा थाना में दर्ज हुई थीं. दर्ज मामले के अनुसार 22 नवम्बर 2019 को NH-75, लुकुइया मोड़, लातेहार में नक्सली हमले में 4 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे और हथियार लूटे गए थे. वही दूसरे मामले में 5 लाख रुपये की लेवी से जुड़ा है. ये रकम मृत्युंजय कुमार उर्फ सोनू सिंह को लातेहार के माओवादी के रीजनल कमांडर रविंद्र गंझू के लिए दी गई थी.

कितनी थी अपराध से कमाई

ईडी के अनुसार इस मामले में अपराध से कुल 7.16 करोड़ रुपये की कमाई हुई. इसमें से 2.69 करोड़ नकद एनआईए ने बरामद कर लिए थे. बाकी 4.46 करोड़ रुपये FY 2017-18 और FY 2018-19 में कंपनी में कैपिटल के रूप में दिखाकर सफेद किया गया. जांच में पता चला कि इस काले धन को लातेहार के मौजा चंदवा और मौजा कमता में 11 अचल संपत्तियां खरीदने में लगाया गया. ये संपत्तियां Santosh Construction, संतोष कुमार सिंह, मृत्युंजय कुमार और मनीष कुमार के नाम पर हैं. खरीद में कम मूल्य के सेल डीड और ऑफ-द-बुक्स कैश पेमेंट का इस्तेमाल किया गया ताकि बैंकिंग जांच से बचा जा सके. इसी के तहत ईडी ने PMLA के तहत 3.87 करोड़ रुपये मूल्य की 11 संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क कर ली हैं. जांच अभी जारी है.

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