Ranchi: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया केवल पात्र भारतीय नागरिकों के लिए है. गैर-भारतीय नागरिक अथवा भारतीय नागरिकता त्याग चुके व्यक्ति इन्यूमरेशन फॉर्म बिना भरे या हस्ताक्षर किए बिना ही तुरंत बीएलओ को वापस लौटा दें. गलत जानकारी देकर गणना/घोषणा पत्र जमा करना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत दंडनीय अपराध है.

30 जून से घर-घर जाएंगे बीएलओ

30 जून से 29 जुलाई तक इन्यूमरेशन फेज के दौरान बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को आंशिक रूप से भरे हुए इन्यूमरेशन फॉर्म बांटेंगे. मतदाताओं के वर्तमान रंगीन फोटो के साथ उनके द्वारा हस्ताक्षरित फॉर्म संकलित किए जाएंगे.

नागरिकता की 3 कट-ऑफ तिथि

CEO ने बताया कि भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 के तहत जन्म तिथि के आधार पर 3 समय-सीमाएं तय हैं.

26 जनवरी 1950 से 1 जुलाई 1987: ‘बर्थ राइट रूल’ – भारत में जन्मा हर व्यक्ति भारतीय नागरिक.

1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004: ‘वन पैरेंट रूल’ – माता या पिता में से एक का भारतीय होना जरूरी.

2 दिसंबर 2004 के बाद: ‘टू पैरेंट रूल’ – माता-पिता दोनों भारतीय हों, या एक भारतीय और दूसरा वैध पासपोर्ट-वीजा धारक हो.

5 अगस्त को ड्राफ्ट सूची का प्रकाशन

इन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने वाले प्रत्येक मतदाता का नाम 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाले मतदाता सूची के ड्राफ्ट पब्लिकेशन में प्रकाशित होगा. जिनकी मैपिंग सही पाई गई उन्हें कोई दस्तावेज नहीं देना होगा.

11 में से 1 दस्तावेज जरूरी

फॉर्म भरते समय मतदाताओं को घोषणा पत्र के साथ भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बताए गए 11 दस्तावेजों में से कोई एक जमा करना होगा. नए मतदाताओं को फॉर्म 6 एवं डिक्लेरेशन फॉर्म दिया जाएगा.

आयुक्तों को निर्देश

शनिवार को निर्वाचन सदन से सभी प्रमंडलीय आयुक्तों को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए प्रशिक्षण दिया गया. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि आयुक्त अपने क्षेत्र में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम का कम से कम 3 बार निरीक्षण अवश्य करें. एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ, डुप्लीकेट एवं रिफ्यूज टू साइन कैटेगरी की सूची BLA 2 से वेरिफिकेशन के बाद ड्राफ्ट के साथ प्रकाशित होगी.

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