Patna: किसानों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुगम तरीके से उपलब्ध कराने के लिए कृषि, राजस्व एवं भूमि सुधार तथा सहकारिता विभाग मिलकर काम करेंगे. मंगलवार को तीनों विभागों के मंत्रियों और वरीय पदाधिकारियों की संयुक्त समन्वय बैठक में किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की गई और विभागों के बीच बेहतर तालमेल के साथ काम करने पर जोर दिया गया. बैठक में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल और सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने एग्रीस्टैक योजना के तहत Farmer Registry, Farmer ID, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) आधारित खरीद व्यवस्था, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना समेत किसान हित की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की.

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण विकास में किसान सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं. किसानों की आय, उनकी उपज और उनके हितों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है. तीनों विभागों के समन्वित प्रयास से किसान-केंद्रित व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा.

53 लाख से अधिक किसानों की Farmer Registry तैयार

बैठक में बताया गया कि बिहार में Farmer Registry बनाने का काम तेजी से चल रहा है और अब तक 53 लाख से अधिक किसानों की Farmer Registry तैयार की जा चुकी है. इसके जरिए किसानों की पहचान, भूमि और कृषि संबंधी जानकारी को एक व्यवस्थित डिजिटल व्यवस्था से जोड़ा जाएगा. Farmer ID के माध्यम से योजनाओं के लक्ष्य निर्धारण के साथ किसानों को विभिन्न कृषि सेवाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी. बीज, उर्वरक, कृषि यंत्र, फसल बीमा, आपदा सहायता और विभिन्न अनुदान योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में भी यह व्यवस्था महत्वपूर्ण आधार बनेगी.

विजय सिन्हा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य तकनीक को किसान की ताकत बनाना है. Farmer Registry के जरिए सही किसान तक सही योजना और सही समय पर सहायता पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा.

म्यूटेशन के साथ Farmer Registry जोड़ने की तैयारी

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि Farmer Registry के काम को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं. जिला, अंचल और संबंधित स्तर पर कृषि विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर किसानों की भूमि और Farmer Registry से जुड़े कार्यों को जल्द पूरा किया जाएगा.

उन्होंने बताया कि किसान के नाम भूमि का म्यूटेशन होने पर म्यूटेशन की प्रक्रिया के साथ ही Farmer Registry तैयार करने की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाएगा। यदि किसान की पहले से Farmer ID या Farmer Registry बनी हुई है तो म्यूटेशन के जरिए प्राप्त भूमि की जानकारी उसकी मौजूदा Registry में जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी.

MSP खरीद को पारदर्शी बनाने पर जोर

सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद व्यवस्था को और प्रभावी एवं पारदर्शी बनाया जा रहा है. Farmer Registry के माध्यम से किसान की पहचान और कृषि संबंधी जानकारी व्यवस्थित होने से खरीद और भुगतान की प्रक्रिया को सही लाभार्थी से जोड़ने में मदद मिलेगी

उन्होंने कहा कि सहकारिता विभाग PACS और सहकारी संस्थाओं के माध्यम से किसानों की उपज के संग्रहण, खरीद और उसे बाजार से जोड़ने की व्यवस्था को मजबूत करेगा. इसके लिए कृषि सहित संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जाएगा.

सहकारिता मंत्री ने कहा कि सहकारिता व्यवस्था के जरिए किसानों को संस्थागत ऋण और बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. तीनों विभागों के समन्वय से KCC समेत किसान हित की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाया जाएगा. उन्होंने कहा कि Farmer Registry में किसान की पहचान और भूमि संबंधी जानकारी व्यवस्थित होने से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पात्र किसानों की पहचान, बीमा कवरेज, फसल क्षति के आकलन और मुआवजा प्रक्रिया को भी अधिक सुगम एवं पारदर्शी बनाने में सहायता मिलेगी.

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