Patna: बिहार में बाढ़ से हुए नुकसान और राहत-बचाव कार्यों को लेकर बुधवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री सह ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य के विभिन्न विभागों ने बाढ़ से हुए नुकसान और राहत कार्यों की प्रगति की जानकारी दी. बैठक के बाद केंद्र सरकार की ओर से बिहार को बाढ़ राहत में अधिकतम सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण हर वर्ष बाढ़ की त्रासदी झेलता है. इस वर्ष करीब 15 जिलों के 88 प्रखंडों में लगभग 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. राज्य सरकार की ओर से प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए एक हजार से अधिक सामुदायिक रसोई संचालित की गईं, जहां करीब 1.62 करोड़ लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया. इससे पहले राज्य सरकार 8.27 लाख से अधिक प्रभावित परिवारों को सात-सात हजार रुपये की अनुग्रह सहायता के लिए 579.23 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से जारी कर चुकी है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान का पूरा आकलन दुर्गापूजा से पहले पूरा कर लिया जाएगा. इसके बाद राज्य सरकार की ओर से केंद्र सरकार को विस्तृत रिपोर्ट भेजी जाएगी. उन्होंने कहा कि केंद्र से बिहार को पहले भी सहयोग मिलता रहा है और इस बार भी नुकसान के आकलन के आधार पर अधिकतम सहायता की अपेक्षा है.
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को दी जाएगी नुकसान की जानकारी
बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बिहार में बाढ़ से आधारभूत संरचनाओं और फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है. केंद्रीय टीम की ओर से बाढ़ से हुई क्षति और बिहार की आवश्यकताओं की जानकारी प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को दी जाएगी. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से बिहार को अधिकतम सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ राहत के दौरान राज्य सरकार और प्रशासन की ओर से किए गए कार्यों की सराहना भी की. उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने में बिहार ने उदाहरण प्रस्तुत किया है.
केला, मक्का और लीची के बेहतर बीज पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बाढ़ से केला, मक्का, धान और अन्य फसलों को नुकसान हुआ है. किसानों को बेहतर गुणवत्ता के केला, मक्का, लीची समेत अन्य फसलों के बीज उपलब्ध कराने की दिशा में केंद्र सरकार काम करेगी. इसका उद्देश्य बेहतर गुणवत्ता वाली फसल का उत्पादन बढ़ाना, किसानों की आय में वृद्धि करना और कृषि उत्पादों को विदेशों तक पहुंचाने की संभावनाओं को मजबूत करना है.
उन्होंने बाढ़ में क्षतिग्रस्त मकानों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाने, जीविका दीदियों को सहायता देने और किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने की दिशा में भी सहयोग का भरोसा दिया.
स्थायी समाधान पर भी काम की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल राहत देने के साथ-साथ बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी काम करना चाहती है. बैठक में कृषि, ग्रामीण कार्य, ऊर्जा, स्वास्थ्य, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, जल संसाधन तथा डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने अपने-अपने क्षेत्रों में हुए नुकसान, राहत एवं बचाव कार्यों और आधारभूत संरचनाओं की स्थिति का प्रस्तुतीकरण दिया.
बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा समेत राज्य और केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. केंद्रीय टीम ने इससे पहले बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा भी लिया था.
