Ranchi: ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) के कोलकाता जोनल ऑफिस-II ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत ‘मेसर्स अखबार-ए-मशरिक प्राइवेट लिमिटेड’ (M/s Akhbar-e-Mashriq Pvt. Ltd.), इसकी सहयोगी कंपनियों और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सांसद मोहम्मद नदीमुल हक व अन्य के कोलकाता, रांची और नई दिल्ली स्थित नौ परिसरों पर व्यापक छापेमारी अभियान चलाया है.
ईडी की यह कार्रवाई बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा दर्ज उस एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी, जिसमें उर्दू दैनिक समाचार पत्र “अखबार-ए-मशरिक” और उसके सोशल मीडिया/डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सामग्री के प्रकाशन और वित्तीय गड़बड़ियों के गंभीर आरोप लगाए गए थे.
फर्जी सर्कुलेशन से हासिल किए विज्ञापन और बिटकॉयन्स का खेल
जांच में एजेंसी को पता चला कि ‘अखबार-ए-मशरिक’ ने कर्नाटक बैंक, पंजाब नेशनल बैंक (PNB), आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक और जेएंडके (J&K) बैंक के कई खातों के जरिए 60 करोड़ रुपये से अधिक की संदेहास्पद नकदी जमा की. इसमें से कर्नाटक बैंक के तीन खाते (जिन्में लगभग 5.60 करोड़ रुपये की नकदी जमा थी) बाद में कंपनी द्वारा बंद कर दिए गए थे. इतना ही नहीं, खातों की जांच से यह भी सामने आया है कि बिना किसी वैध व्यावसायिक कारण के संदिग्ध स्रोतों के जरिए बिटकॉयन्स (Bitcoin) खरीदे गए थे.
जांच में यह बड़ा खुलासा भी हुआ कि समाचार पत्र की वास्तविक छपाई संख्या काफी कम थी, लेकिन विज्ञापन राजस्व ज्यादा हासिल करने की नीयत से फर्जी और बढ़ा-चढ़ाकर प्रसार आंकड़े (Circulation Figures) दिखाए गए.
डिजिटल उपकरण जब्त, 5.25 करोड़ रुपये के बैंक खाते फ्रीज
छापेमारी के दौरान ईडी की टीम को कई संदिग्ध दस्तावेज और मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड ड्राइव जैसे डिजिटल उपकरण मिले हैं, जिन्हें जब्त कर लिया गया है. इसके साथ ही, ‘मेसर्स अखबार-ए-मशरिक प्राइवेट लिमिटेड’ के बैंक खातों में मौजूद करीब 5.25 करोड़ रुपये की राशि को तुरंत प्रभाव से फ्रीज कर दिया गया है. इस पूरे नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन के तार खंगालने के लिए ईडी की आगे की जांच जारी है.
