Patna: भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ, फर्जी दस्तावेज, नकली मुद्रा, मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए केंद्र और बिहार सरकार मिलकर काम करेगी. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में शनिवार को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ में भारत-नेपाल सीमा से जुड़े विभिन्न मुद्दों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई. बैठक में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी शामिल हुए.
बैठक में सीमा सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, सीमावर्ती क्षेत्रों की कानून-व्यवस्था और अवैध गतिविधियों की रोकथाम को लेकर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सुरक्षा सर्वोच्च जिम्मेदारी है. भारत-नेपाल सीमा की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लगातार मजबूत किए जाने की जरूरत है.
घुसपैठ और फर्जी दस्तावेजों पर विशेष नजर
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि एसएसबी, बिहार पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एवं जांच एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ काम करें. सीमावर्ती इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखते हुए सूचना मिलने पर त्वरित और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. उन्होंने अवैध घुसपैठ और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगाने को कहा. साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में नकली मुद्रा और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ भी विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया.
संदिग्ध बैंक खातों की होगी पहचान
मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती बैंकों में नकली नोटों की पहचान के लिए आवश्यक मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा. इसके साथ ही संदिग्ध वित्तीय लेन-देन, फर्जी और संदिग्ध म्यूल बैंक खातों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया. उन्होंने केंद्र सरकार के ‘नशा मुक्त भारत 2029’ के लक्ष्य के अनुरूप सीमा क्षेत्र से मादक पदार्थों की आवाजाही रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई पर जोर दिया.
हर महीने होगी केंद्रीय एजेंसियों के साथ बैठक
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारी केंद्रीय सुरक्षा एवं जांच एजेंसियों के साथ नियमित मासिक समन्वय बैठक करें. इसका उद्देश्य सूचनाओं का बेहतर आदान-प्रदान और संवेदनशील मामलों में संयुक्त कार्रवाई को प्रभावी बनाना है.
उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में गैर-पंजीकृत धार्मिक स्थलों की पहचान कर प्रचलित कानून और नियमों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा सीमा क्षेत्र के लोगों को बेहतर शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमा सुरक्षा को प्रभावी बनाने के लिए सभी एजेंसियों को सतर्कता, सूचना-साझाकरण और समन्वित कार्रवाई के साथ काम करना होगा. संवेदनशील क्षेत्रों में सूचना तंत्र को मजबूत रखते हुए किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर त्वरित कार्रवाई की जाए.
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, पुलिस महानिदेशक, स्पेशल ब्रांच कुंदन कृष्णन समेत विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, वरीय पुलिस पदाधिकारी और केंद्रीय एजेंसियों के अधिकारी मौजूद रहे. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारी और एसपी भी बैठक से जुड़े.
