Ranchi: गोवंशीय पशुओं की तस्करी अब सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रही. सिमडेगा पुलिस ने इस अवैध कारोबार के डिजिटल मनी ट्रेल का पर्दाफाश कर एक बड़े नेटवर्क पर चोट की है. पुलिस ने मामले में पूर्व जन सेवा केंद्र संचालक अरविंद केरकेट्टा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. सिमडेगा एसपी के निर्देश पर चल रही जांच में अब पुलिस मनी ट्रेल, बैंकिंग और डिजिटल लेन-देन की बारीकी से पड़ताल कर रही है. पुलिस का कहना है कि तस्करी से जुड़ी हर कड़ी को खंगाला जाएगा और इसमें शामिल सभी लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. सिमडेगा पुलिस ने दोहराया कि गोवंशीय पशुओं की तस्करी और परिवहन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा.
UPI से होता था अवैध वसूली का लेन-देन
गिरफ्तार अरविंद केरकेट्टा को 15 अगस्त को गिरफ्तार किया गया. उसके पास से 2 एंड्रॉयड मोबाइल भी बरामद किए गए हैं. उसे 16 अगस्त को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. पूछताछ में अरविंद ने कबूला कि वह लगभग एक साल पहले तक CSC सेंटर चलाता था. इसी दौरान उसकी मुलाकात कुख्यात गो-तस्कर संजय समीर सिंधिया से हुई. संजय के इशारे पर अरविंद, अन्य तस्करों से गोवंशीय पशुओं को सिमडेगा जिला पार कराने की अवैध वसूली की रकम अपने बैंक खाते में UPI के माध्यम से लेता था. बाद में वह सारी रकम संजय के या उसके रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर कर देता था.
पिछले साल पकड़े गए थे 2 तस्कर
यह कार्रवाई 12 सितंबर 2025 को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के ग्राम बनावीरा में हुई छापामारी से जुड़ी है. तब पुलिस ने 2 पिकअप वाहनों से अवैध रूप से ले जाए जा रहे गोवंशीय पशुओं को जब्त किया था. इस संबंध में मुफस्सिल थाना (कांड संख्या- 25/25) दर्ज किया गया था. उस कांड में पहले ही 2 आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है.
