Ranchi: कौशल विकास के नाम पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले रैकेट का बोकारो पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. पिंडराजोरा थाना क्षेत्र के संथालडीह मोड़ स्थित ‘शिक्षा एवं कल्याण समिति’ नामक NGO द्वारा संचालित Skill Training Centre में फर्जी आधार कार्ड बनाकर युवकों को जबरन परीक्षा में बैठाने का मामला सामने आया है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए NGO के संचालक समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी में धनबाद जिले क सिंदरी थाना क्षेत्र के रहने वाले नरेन्द्र कुमार, बिहार के गया जिले के बोधगया थाना क्षेत्र के मोनिया के रहने वाले धर्मेन्द्र कुमार और यूपी के वाराणसी जिले के फूलपुर थाना क्षेत्र के पिण्ड़्रा वाराणसी के रहने वाले प्रदीप कुमार कसेरा का नाम शामिल है. मौके पर से एक लैपटॉप, एक प्रिंटर, भागीरथ प्रमाणिक, प्रेमचंद हंसदा, सुधीर किस्कू नाम से फर्जी आधार कार्ड और तीन मोबाइल पुलिस ने बरामद किया है.
ऐसे हुआ खुलासा
मिली जानकारी के अनुसार दूरभाष के माध्यम से पिंडराजोरा थाना को सूचना मिली कि Skill Training Centre में तीन महीने के कौशल विकास प्रशिक्षण के बाद युवकों की परीक्षा ली जा रही है. आरोप है कि केंद्र संचालक युवकों की फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी आधार कार्ड बनवा रहे थे और उसी फर्जी पहचान पत्र के आधार पर उन्हें परीक्षा में बैठने का दबाव बना रहे थे.
युवकों के विरोध के बाद मामला सामने आया
सूचना मिलते ही एएसपी-सह-एसडीपीओ चास के नेतृत्व में कार्यपालक दंडाधिकारी के साथ छापामारी दल गठित किया गया. टीम ने तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर कार्रवाई की. मौके से फर्जी आधार कार्ड बनाने में प्रयुक्त एक लैपटॉप, एक प्रिंटर, भागीरथ प्रमाणिक, प्रेमचंद हंसदा और सुधीर किस्कू के नाम से बने तीन फर्जी आधार कार्ड तथा तीन मोबाइल बरामद किए गए. पुलिस ने NGO के संचालक एवं कर्मियों को गिरफ्तार कर थाना लाया. इस संबंध में पिंडराजोरा थाना में कांड संख्या-61/26 दर्ज कर लिया गया है.
