Patna: महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर बिहार पुलिस ने रक्षाबंधन के अवसर पर “पुलिस दीदी” नाम से विशेष पहल शुरू की है. कमजोर वर्ग अपराध अनुसंधान विभाग द्वारा राज्य के सभी जिलों में इस योजना को लागू किया गया है. महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की रोकथाम और उनके लिए सुरक्षित माहौल बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है.
“पुलिस दीदी” स्कूल-कॉलेज जाकर छात्राओं से संपर्क कर सुरक्षा संबंधी समस्याएं जानेंगी. संस्थान के प्रशासन, शिक्षकों और वार्डनों के साथ समन्वय कर सुरक्षा का ताना-बाना मजबूत करेंगी. महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और डायल-112 सेवा के बारे में जागरूक करेंगी. छेड़खानी, पीछा करने या उत्पीड़न की शिकायत पर त्वरित विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी. आपात स्थिति में ERSS डायल-112 से जुड़कर तत्काल सहायता उपलब्ध कराएंगी. पुलिस मुख्यालय ने कहा कि “पुलिस दीदी” महिलाओं और पुलिस के बीच भरोसेमंद संपर्क का काम करेंगी ताकि हर महिला और बालिका खुद को सुरक्षित महसूस कर सके. “सुरक्षा का भरोसा, पुलिस दीदी हर कदम आपके साथ”.
2500 “पुलिस दीदी” टीमों का लक्ष्य
पूर्व में कार्यरत “अभया ब्रिगेड” के स्थान पर अब “पुलिस दीदी” टीमों का गठन किया गया है. प्रत्येक टीम में 1 महिला पुलिस पदाधिकारी प्रभारी और 1 महिला पुलिसकर्मी सदस्य होगी. प्रथम चरण में 1,500 और द्वितीय चरण में 1,000 टीमों के साथ कुल 2,500 “पुलिस दीदी” टीमों के गठन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
स्कूल-कॉलेज से लेकर बाजार तक होगी निगरानी
रक्षाबंधन पर्व पर राज्य के सभी जिलों में 1,408 “पुलिस दीदी” टीमों द्वारा विशेष पेट्रोलिंग और क्षेत्र भ्रमण शुरू कर दिया गया है. ये टीमें अपने थाना क्षेत्रों के स्कूल, कॉलेज, छात्रावास, कोचिंग संस्थान, मॉल, पार्क, सिनेमा हॉल, मेला, बाजार और हाट जैसे भीड़भाड़ वाले संवेदनशील स्थानों पर नियमित भ्रमण कर निगरानी करेंगी.
