Patna: भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने कला एवं संस्कृति विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक में बड़ा फैसला लिया है. बिहार के 26 जिलों में 56 पुरातात्विक स्थलों के संरक्षण के लिए स्पेशल विंग गठित होगा. विशेषज्ञों की सलाह से धरोहरों की मौलिकता बचाई जाएगी. सचिव ने कहा कि पुरातात्विक स्थलों को उसी स्वरूप में संरक्षित करने के लिए विशेषज्ञों की सलाह ली जाएगी. अभियंताओं को धरोहर संरक्षण की बारीकियों का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा ताकि ऐतिहासिक इमारतों की मौलिकता बनी रहे. सचिव ने बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय एवं स्मृति स्तूप के मेंटेनेंस पर विशेष ध्यान देने को कहा. चेतावनी दी कि लंबित परियोजनाओं के संवेदकों पर कार्रवाई होगी. अभियंताओं को कहा- निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं। सभी प्रोजेक्ट तय समय में पूरे हों.

किन परियोजनाओं पर हुई चर्चा

अटल कला भवन: अररिया, भभुआ, बक्सर, नवादा, सीवान, शेखपुरा में 620 क्षमता के भवन का काम तेज गति से चल रहा है. समय पर पूरा होगा.

सभागार: बांका-लखीसराय में 630 क्षमता के सभागार बन रहे हैं. लखीसराय में फिनिशिंग चल रही है. मुजफ्फरपुर में 2000 क्षमता का सभागार नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य.

संग्रहालय-धरोहर: दरभंगा में स्मारक अहिल्या स्थल, बेगूसराय संग्रहालय, लखीसराय लाल पहाड़ी पर पर्यटकीय सुविधा, नारद संग्रहालय की जगह नया संग्रहालय भवन. नेपाली मंदिर का भी संरक्षण होगा.

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