Ranchi: झारखंड के मेधावी लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए बड़ी राहत. राज्य सरकार और बीआईटी मेसरा के बीच मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए. इस एमओयू के तहत अब अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के 850 छात्रों को हर साल नि:शुल्क तकनीकी शिक्षा मिलेगी. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं आदिम जनजाति कल्याण विभाग और यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक, बीआईटी मेसरा के बीच हुए इस समझौते से राज्य के सुदूरवर्ती क्षेत्रों के छात्रों के लिए उच्च स्तरीय व्यावसायिक शिक्षा के द्वार खुल गए हैं. सरकार और बीआईटी मेसरा ने यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक के विस्तार का भी रोडमैप तैयार किया है. आने वाले समय में सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी, आईटीआई ट्रेड्स और नए व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे. छात्रों की सुविधा के लिए परिसर में नए छात्रावास ब्लॉक और शैक्षणिक भवन भी बनाए जाएंगे.
10 साल में 79.40 करोड़ देगी सरकार
समझौते के तहत झारखंड सरकार अगले 10 वर्षों में 79.40 करोड़ रुपये खर्च करेगी. सरकार संस्थान के 85% आवर्ती व्यय का वहन करेगी. इसके बदले हर साल 850 छात्रों को शिक्षण, छात्रावास और भोजन की सुविधा पूरी तरह नि:शुल्क मिलेगी. पात्रता मेधा आधारित होगी. जिन छात्रों के परिवार की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से कम है, वे इस योजना का लाभ ले सकेंगे. योजना शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू हो जाएगी.
मंत्री चमरा लिंडा के प्रयास से साकार हुई पहल
इस पहल को कल्याण मंत्री चमरा लिंडा के विशेष सहयोग से मूर्त रूप दिया गया. समारोह में कल्याण विभाग के सचिव के.एन.झा और संयुक्त सचिव जावेद अनवर इदरीसी उपस्थित थे. बीआईटी मेसरा की ओर से कुलपति प्रो. इंद्रनील मन्ना, कुलसचिव डॉ. राजेश जैन और यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक की निदेशक डॉ. विजया लक्ष्मी मौजूद रहीं।एमओयू पर सरकार की ओर से जावेद अनवर इदरीसी और बीआईटी मेसरा की ओर से डॉ. विजया लक्ष्मी ने हस्ताक्षर किए.
“प्रतिभा हर गाँव में है, बस अवसर चाहिए”
कुलपति प्रो. इंद्रनील मन्ना ने कहा कि बीआईटी मेसरा 70 वर्षों से अकादमिक उत्कृष्टता और सामाजिक प्रभाव के लिए काम कर रहा है. “भारत के अग्रणी तकनीकी संस्थानों में से एक होने के नाते हमारा मानना है कि प्रतिभा हर गाँव और हर समुदाय में मौजूद है. झारखंड सरकार के साथ यह साझेदारी राज्य के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है.
