Patna: बिहार के कुख्यात अपराधी और तीन लाख रुपये के इनामी गैंगस्टर भोला सिंह को सीबीआई ने आखिरकार धर दबोचा है. पिछले 12 साल से फरार चल रहे भोला को गुजरात के सूरत से गिरफ्तार कर बंगाल के रास्ते ट्रेन से हाथीदह स्टेशन लाया गया, जिसके बाद सड़क मार्ग से बाढ़ थाना लाया गया है. मंगलवार को बाढ़ कोर्ट में पेश किया जाएगा. भोला सिंह और उसके भाई मुकेश सिंह पर 3-3 लाख रुपये का इनाम घोषित था. मुकेश ने पहले ही आत्मसमर्पण कर जमानत ले ली, लेकिन भोला लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था. भोला सिंह का नाम साल 2021 में पंडारक पूर्वी के मुखिया प्रियरंजन कुमार उर्फ गोरेलाल, पंडारक थाने के एएसआई राजेश कुमार और लाल बहादुर की हत्या के मामलों में भी सामने आया था.
सूरत में ‘गौतम’ बनकर छिपा था भोला
सीबीआई ने 16 मई को पश्चिम बंगाल के दो व्यक्तियों के अपहरण से जुड़े एक पुराने मामले में भोला सिंह को सूरत से गिरफ्तार किया था. पुलिस और दुश्मनों से बचने के लिए वह सूरत में अपनी पहचान बदलकर ‘गौतम’ और ‘अमित शर्मा’ के नाम से रह रहा था. बिहार के विभिन्न थानों में उस पर हत्या, रंगदारी समेत 11 संगीन मामले दर्ज हैं. सीबीआई द्वारा सूरत से गिरफ्तार करने के बाद भोला सिंह को बंगाल लाया. वहां से उसे ट्रेन के जरिए हाथीदह स्टेशन लाया. हाथीदह से बाढ़ थाना तक उसे सड़क मार्ग से बाढ़ कोर्ट में पेशी के लिए ले जाया गया. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, भोला सिंह की गिरफ्तारी से पटना ग्रामीण और आसपास के इलाकों में संगठित अपराध पर बड़ी चोट मानी जा रही है. सीबीआई अब अपहरण केस के साथ-साथ बिहार में दर्ज अन्य मामलों में भी उससे पूछताछ करेगी.
सीआरपीएफ कमांडो से गैंगस्टर तक का सफर
पटना के पंडारक निवासी भोला सिंह अपराध की दुनिया में आने से पहले सीआरपीएफ का जवान था और उसने कमांडो की ट्रेनिंग भी ली थी. करीब दो दशक से अधिक समय तक वह बिहार के अपराध जगत में सक्रिय रहा. उसका नाम बिहार के बाहुबली और पूर्व जदयू विधायक अनंत सिंह के साथ दोस्ती और अदावत दोनों के लिए जाना जाता है.
