Patna: स्वर्ण व्यवसायी के घर डकैती की घटना में शामिल इंटरनेशनल अपराधी समेत तीन अपराधी को वैशाली के महनार थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है. 2 दर्जन से अधिक मामले में वांछित इंटरनेशनल अपराधी पहली बार पुलिस के हत्थे चढ़ा है. गिरफ्तार अपराधी में नेपाल के सर्लाही जिले के डीटोला पुर्नवास चौकी नवलपुर के रहने वाले जयराम पासवान, श्रीनगर थाना क्षेत्र के बसंतपुर के रहने वाले भोला साह और शिवहर जिले के तरियानी छपरा थाना क्षेत्र के रुपौली निवासी राजीव सिंह का नाम शामिल है. आरोपी के पास से चार मोबाइल और दो बाईक पुलिस ने बरामद किया है. अनुसंधान एवं लगातार की जा रही छापेमारी के क्रम में गठित एसआईटी को गुप्त सूचना मिली कि घटना में शामिल सभी अपराधी राजीव सिंह के घर पर एकत्रित होने वाले हैं. सूचना पर गठित टीम कार्रवाई करते हुए छापेमारी कर जयराम पासवान, भोला साह एवं राजीव सिंह को अपराध की योजना बनाते हुए गिरफ्तार किया गया.

नेपाल निवासी कुख्यात अपराधी जयराम पासवान आज तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया था, हर घटना को अंजाम देने के बाद तुरंत मलेशिया भाग जाता था. दो दशक से सक्रिय अपराधी की आज तक कही गिरफ्तारी नहीं हुई थी एवं पूर्व में इसका नाम भी कहीं सामने नहीं आता था. इसके साथ ही कुख्यात अपराधी भोला साह जो विस्फोटक पदार्थ (बम) बनाने का काम करता था तथा इसका एक उंगली बम बनाने के दौरान क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिसपर लगभग एक दर्जन से अधिक डकैती जैसे कई जघन्य कांड दर्ज है. वैशाली पुलिस द्वारा एक इंटरनेशनल आपराधिक गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है, जिससे आस-पास के जिलों में भविष्य में होने वाले अपराध में कमी आयेगी. वैशाली पुलिस टीम की महत्वपूर्ण उपलब्धि है. अन्य संलिप्त अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. जयराम पासवान का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है. आरोपी के विरुद्ध नेपाल, वैशाली, सीतामढ़ी, मधुबनी और दरभंगा जिले क विभिन्न थाना में 24 मामला दर्ज है. भोला साह के विरुद्ध सीतामढ़ी औऱ वैशाली जिले के विभिन्न थाना में 11 मामला और राजीव सिंह के विरुद्ध दो मामला दर्ज है.

वैवाहिक कार्यक्रम में मिलकर बनाया था डकैती का योजना  

महनार थाना क्षेत्र में 20-21 अप्रैल की रात में अज्ञात अपराधियों ने हथियार के बल पर डकैती की वारदात को अंजाम देने में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए वैशाली एसपी के निर्देश पर महनार एसडीपीओ के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया. अनुसंधान के क्रम में तकनीकी विश्लेषण से एक संदिग्ध मोबाइल नंबर की पहचान की गई, जो जमीला खातून के नाम से पंजीकृत था. कॉल डिटेल एवं डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण से यह तथ्य सामने आया कि उक्त मोबाइल नंबर का उपयोग उसकी पुत्री एवं दामाद नौशाद करता था. सीसीटीवी फुटेज एवं पूछताछ के आधार पर यह भी स्पष्ट हुआ कि मो० इदरीश सहित अन्य अपराधी घटना में शामिल था तथा घटना की साजिश पूर्व नियोजित रूप से रची गई थी. मो नौशाद को डकैती के 21400 रुपये के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. अनुसंधान के दौरान गिरफ्तार आरोपी राजीव कुमार सिंह के बयान एवं तकनीकी साक्ष्यों से घटना की साजिश एवं क्रियान्वयन के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली. अनुसंधान में यह तथ्य सामने आया कि घटना से पूर्व अपराधियों ने बेतिया में किसी वैवाहिक कार्यक्रम में आपस में मिलकर सुनियोजित तरीके से महनार थाना क्षेत्र के ग्राम परमानंदपुर स्थित एक स्वर्ण व्यवसायी के घर डकैती की योजना बनाई थी. 20 अप्रैल को सभी अपराधी मुजफ्फरपुर से हाजीपुर होते हुए महनार पहुंचे और रात्रि में योजनाबद्ध तरीके से हथियार एवं औजारों का प्रयोग कर डकैती की घटना को अंजाम दिया. घटना के दौरान अपराधियों ने 50 ग्राम स्वर्ण आभूषण एवं 50 हजार नगद राशि लूट लिया. जिसे आपस में बाद में बांटने की योजना बनाई गई थी.

 

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