Ranchi: पुलिस मुठभेड़ में जख्मी अपराधी बिहार के बक्सर भागने के फिराक में था. हालांकि पुलिस गुप्त सूचना पर नेवरी विकास के पास से गिरफ्तार किया. भार्गव सिंह हत्याकांड में शामलि दो आरोपी को पुलिस गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार अपराधी में गोंदा थाना क्षेत्र के गांधीनगर का रहने वाला विजय हेन्ड्री टेटे और पंडरा थाना क्षेत्र के लक्ष्मीनगर निवासी सत्यम पाठक का नाम शामिल है. मौके पर से 2 हथियार, 8 गोली, 1 खोखा, फर्जी आधार कार्ड, पेन कार्ड, वोटर कार्ड, यूजीसी नीट जून-2024 का एडमिट कार्ड, नगद समेत अन्य सामान पुलिस ने बरामद किया है. भार्गव सिंह से आरोपी विजय टेटे जमीन के एवज में मोटी रकम लिया था. तथा भार्गव सिंह को जमीन नहीं दे पा रहा था. भार्गव सिंह जमीन देने के लिए लगातार दबाव बना रहा था. इसी वजह से उसकी हत्या कर दी गई.
मामले की जानकारी देते हुए सिटी एसपी ने बताया कि बीते मंगलवार के सुबह में पण्डरा ओपी क्षेत्र के मनोकमना मंदिर में पूजा कर बाहर निकल रहे भार्गव सिंह को अज्ञात अपराधियों ने गोली मार दिया. ईलाज के क्रम में जख्मी भार्गव सिंह ने घटना को अंजाम देने वाले के संबंध में पुलिस के समक्ष जानकारी दिया. इसके बाद उसकी मौत हो गई. सिटी एसपी के नेतृत्व में एक टीम गठन किया गया. गठित टीम तकनीकी सहयोग, गुप्त सूचना के आधार पर विजय टेटे को गिरफ्तार किया. घटना में शामिल अन्य अपराधी सत्यम पाठक रांची से बिहार के बक्सर भागने के फिराक में था, जिसे गुप्त सूचना एवं तकनीकी सहोयग से नेवरी विकास के पास से गिरफ्तार किया गया. सत्यम पाठक के निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हथियार की बरामगदी के लिए कांके डैम के आस-पास तलाशी की गई, इसी दौरान हथियार बरामद किया गया. बरामदगी के बाद पुलिस वापस लौट रही थी. इसी क्रम में सत्यम पाठक ने टीम में शामिल पुलिस पदाधिकारी का हथियार छीन कर भागते हुए दो-तीन राउण्ड गोली फायर किया. पुलिस आत्मरक्षार्थ सीमित फायरिंग किया. जिसमें सत्यम पाठक के पैर में गोली लगी. जिसे ईलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है.
बता दे कि पूर्व में सत्यम पाठक धुर्वा के पूर्व पार्षद वेद प्रकाश सिंह की हत्या मामले में जेल भेजा गया था. जिसमे जमानत पर बाहर निकला था. सत्यम पाठक का अपराधिक इतिहास रहा है. आरोपी को विरुद्ध कोतवाली, डोरण्डा, विधानसभा और नामकुम थाना में मामला दर्ज है.
