Ranchi: कैरव गांधी अपहरण की वारदात को अंजाम देने के लिए छः माह पूर्व जमशेदपुर आये साजिशकर्ता ने किराये के कमरे में साजिश रचा था. पुलिस के हत्थे चढ़े पांच आरोपी ने इसका खुलासा किया है. गिरफ्तार अपराधी में पंजाब के लुधियाना जिले क जोधन थाना क्षेत्र के सरभा निवासी मनप्रीत सिंह सेखों, मुल्लापुर थाना क्षेत्र के रकबा निवासी गुरदीत शेर सिंह, सहनेवाल थाना क्षेत्र के सहनेवाल कलां निवासी अमरिंदर सिंह उर्फ करतार सिंह, बिहार के शेखपुरा जिले के सिरहारी थाना क्षेत्र के दरियापुर भदौष निवासी राजकरण यादव और शेखपुरा थाना क्षेत्र के स्टेशन रोड इंदे निवासी संतोष कुमार उर्फ संतोष विल्लेन का नाम शामिल है. आरोपी के पास से पांच मोबाईल पुलिस ने बरामद किया है. अपहरण के साजिशकर्ताओं में से फरार एक अपराधी अपने एक सह-साजिशकर्ता अमरिंदर सिंह उर्फ करतार सिंह के साथ लगभग छह माह पूर्व जमशेदपुर आकर रहने लगा था तथा अपहृत की गतिविधियों की लगातार रेकी कर रहा था. उसने अमरिंदर सिंह के नाम से साकची क्षेत्र में किराये का कमरा लिया था और वहीं से पूरी साजिश की रूपरेखा तैयार की गई. इस दौरान अन्य साजिशकर्ता गुड्डु सिंह, मो० इमरान, मनप्रीत सिंह तथा गुरजित सिंह भी जमशेदपुर आया था और अपहृत का रेकी किया था.
पुलिस अनुसंधान के क्रम में यह तथ्य प्रकाश में आया कि सभी अपहरणकर्ता द्वारा आपस में एक-दूसरे की पहचान जानबूझकर नहीं कराई गई थी. ताकि गिरफ्तारी की स्थिति में संपूर्ण षड्यंत्र उजागर न हो सके. घटना में मनप्रीत सिंह द्वारा वाहन चालक की भूमिका निभाई गई, जबकि अमरिंदर सिंह उर्फ करतार सिंह, गुड्डू, इमरान, रमीज एवं अन्य अपराधी भी पुलिस वर्दी धारण कर घटनास्थल पर पहुँचा. इनके सहयोग के लिए राजकरण, संतोष तथा गुरदीत शेर सिंह भी उपस्थित थे. घटना को अंजाम देने के पश्चात अपहृत को स्कॉर्पियो वाहन से चांडिल गोलचक्कर के समीप ले जाकर दूसरे वाहन में स्थानांतरित किया गया. इसके बाद दोनों वाहन अलग-अलग मार्ग से शहर छोड़कर फरार हो गया. अपहृत को अन्य वाहन से राँची होते हुए डोभी ले जाया गया, जहाँ पूर्व से मौजूद अन्य अपराधियों को सुपुर्द किया गया. उनके द्वारा अपहृत को गया जिला अंतर्गत बिसर गाँव में रखा गया. घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी पंजाब, दिल्ली, कोलकाता एवं बिहार की ओर भाग गया तथा गिरफ्तारी से बचने के लिए छिप छिप कर रहने लगा.
पुलिस का हथियार छिनकर फायरिंग करने लगा अपराधी
मामले की जानकारी देते हुए एसएसपी ने बताया कि 13 जनवरी को कैरव गाँधी का अज्ञात अपराधियों ने अपहरण कर लिया था. सूचना प्राप्त होते ही बिष्टुपुर थाना में (कांड संख्या-05/26) में मामला दर्ज किया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया गया. गठित टीम तकनीकी एवं मानवीय आसूचना के आधार पर गहन अनुसंधान किया. पुलिस की सतर्क, त्वरित एवं योजनाबद्ध कार्रवाई के फलस्वरूप 26-27 जनवरी को अपहृत कैरव गाँधी को सकुशल बरामद किया गया. साथ ही घटना में संलिप्त छह आरोपी गुडू सिंह, उपेन्द्र सिंह, अर्जुन सिंह उर्फ आर्यन, मो० इमरान आलम उर्फ आमिर, रमीज राजा, मोहन कुमार प्रसाद को गिरफ्तार कर 30 जनवरी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया. गुड्डू सिंह, रमीज राजा और मो इमरान को पुलिस मुठभेड़ में पकड़ा गया था. आरोपी के साथ पुलिस का उस वक्त मुठभेड़ हुआ. जब पुलिस उसके निशानदेही पर सोनारी थाना क्षेत्र स्थित साई मंदिर के पीछे हथियार बरामद करने गई थी इसी दौरान आरोपी पुलिस का हथियार छिनकर फायरिंग करते हुए भागने लगा.
मामले के इंटरस्टेट स्वरूप एवं गंभीरता को देखते हुए सीसीआर डीएसपी के नेतृत्व में अलग-अलग विशेष छापामारी टीमों का गठन किया गया. इन टीमों ने पंजाब, दिल्ली, बंगाल एवं बिहार के विभिन्न जिलों में संबंधित राज्य पुलिस के सहयोग से समन्वित एवं गोपनीय छापामारी अभियान चलाया गया. सुनियोजित कार्रवाई के दौरान चिन्हित आरोपी को विभिन्न स्थानों से गिरफ्तार किया गया. मनप्रीत सिंह व अमरिंदर सिंह को पंजाब के लुधियाना, गुरदीत शेर सिंह कोलकता से, संतोष कुमार दिल्ली गाजियाबाद से तथा राजकरण यादव को बिहार के शेखपुरा से गिरफ्तार किया गया. संतोष कुमार, गुरदीत शेर सिंह एवं अमरिंदर सिंह उर्फ करतार सिंह का अपराधिक इतिहास रहा है. पूर्व में कई मामले में जेल गया है.
