Patna: बिहार में गंगा नदी उफान पर है और स्थिति गंभीर होती जा रही है. जल संसाधन विभाग से प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार, पटना जिले के गांधी घाट पर आज रात और मोकामा के हाथीदह में 4 सितंबर की दोपहर तक गंगा नदी का जलस्तर अपने उच्चतम बाढ़ स्तर (Highest Flood Level) को पार कर सकता है. खतरे की इस आशंका को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने एडवाइजरी जारी कर 8 प्रमुख जिलों—पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद—के तटवर्ती व निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों को अति-सतर्क रहने की अपील की है.
तटबंधों और निचले क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार का जोखिम न लें और सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन करें.
आपदा प्रबंधन विभाग की मुख्य गाइडलाइंस
* नदी और घाटों से दूरी: नदी के किनारे, घाटों, तटबंधों और जलभराव वाले निचले इलाकों में अनावश्यक रूप से जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा.
* बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान: बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को पानी के स्रोतों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर सुरक्षित स्थानों पर रखें.
* जोखिमपूर्ण गतिविधियों पर रोक: नदी में स्नान, तैराकी, नाव से गैर-जरूरी आवागमन और किनारे जाकर सेल्फी लेने जैसे खतरनाक कामों से पूरी तरह बचें.
* इमरजेंसी किट तैयार रखें: अपने जरूरी दस्तावेज, दवाइयां, मोबाइल, टॉर्च, पीने का पानी और राशन का सामान सुरक्षित स्थान पर रखें ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत ले जाया जा सके.
* राहत शिविरों की जानकारी: जिला प्रशासन द्वारा बनाए गए नजदीकी राहत शिविरों और सुरक्षित स्थानों की जानकारी रखें और जरूरत महसूस होते ही वहां स्थानांतरित हों.
* अफवाहों से बचें: सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर ध्यान न दें। केवल जिला प्रशासन व विभाग की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें.
आपातकालीन सहायता नंबर: किसी भी प्रकार की आपात स्थिति या जलस्तर में अचानक वृद्धि होने पर स्थानीय प्रशासन अथवा राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के हेल्पलाइन नंबर 1070 पर तुरंत संपर्क करें.
