Ranchi: चाईबासा जिले के मंझारी थाना क्षेत्र में मां-बेटी की हत्या कर शव जलाने और पहाड़ की गुफा में दफनाने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है. जमीन विवाद और पारिवारिक रंजिश में 68 वर्षीय कुनी कुई और उनकी 27 वर्षीय बेटी नामसी बिरुवा की हत्या की गई थी. हत्या के बाद आरोपियों ने दोनों शवों को जंगल स्थित पहाड़ की गुफा में ले जाकर लकड़ी और झाड़ियों के साथ डीजल डालकर जला दिया और बचे हुए अवशेषों को वहीं दफना दिया. पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है. उनकी निशानदेही पर दावबुरु पहाड़ की गुफा से मां-बेटी के जले हुए शवों की हड्डियां बरामद की गई हैं. गिरफ्तार आरोपी में यदुनाथ बिरुवा उर्फ यादु, लादुरा बिरुवा, राजा राम बिरुवा, चेदरे बिरुवा उर्फ चन्द्र बिरुवा, माहती बिरुवा, दुई कोडांकेल उर्फ लखन कोडांकेल और त्रिभुवन बिरुवा का नाम शामिल है. सभी आरोपी मंझारी थाना क्षेत्र के बड़ा तोरलो और टोपासाई गांव के रहने वाले हैं.
13 अक्टूबर की शाम हुई थी मां-बेटी की हत्या
पुलिस के अनुसार, 27 अक्टूबर को सूचना मिली थी कि मंझारी थाना क्षेत्र के बड़ा तोरलो गांव के टोपासाई टोला निवासी कुनी कुई और उनकी बेटी नामसी बिरुवा घर से गायब हैं. आशंका जताई गई थी कि जमीन विवाद को लेकर परिवार और गांव के कुछ लोगों ने साजिश के तहत दोनों की हत्या कर दी है. साक्ष्य मिटाने के लिए शवों को तोरलो जंगल में जलाकर दफना दिया गया है. इसके बाद मंझारी थाना प्रभारी के बयान पर थाना (कांड संख्या 59/26) में मामला दर्ज किया गया. पुलिस जांच में हत्या की वारदात 13 अक्टूबर की शाम करीब सात बजे किए जाने की बात सामने आई.
खेत की मेड़ काटने को लेकर शुरू हुआ था विवाद
पुलिस की जांच में हत्या के पीछे जमीन और पारिवारिक विवाद की बात सामने आई है. जून-जुलाई 2026 में खेत की मेड़ काटने को लेकर कुनी कुई और आरोपी यदुनाथ बिरुवा के बीच विवाद हुआ था. इसके अलावा कुनी कुई के पति रासिका बिरुवा की मृत्यु के बाद से उनके पहले पति से हुए बेटे त्रिभुवन बिरुवा द्वारा मां कुनी कुई और बहन नामसी को घर से भगाने के लिए परेशान किए जाने की बात भी जांच में सामने आई है.
रिश्तेदारों के साथ मिलकर रची गई हत्या की साजिश
पुलिस के अनुसार, त्रिभुवन बिरुवा ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर मां-बेटी की हत्या की साजिश रची थी. इस साजिश में यदुनाथ बिरुवा, माहती बिरुवा, चन्द्र बिरुवा, दुई कोडांकेल और अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आई है. आरोप है कि 13 अक्टूबर की शाम दोनों की हत्या करने के बाद शवों को कंधे पर ढोकर मोटकसाई गांव के दावबुरु पहाड़ स्थित गुफा तक ले जाया गया. वहां लकड़ी और झाड़ियों के बीच शव रखकर डीजल छिड़का गया और आग लगा दी गई. बाद में जले हुए अवशेषों को गुफा में ही दफना दिया गया.
सात आरोपियों की गिरफ्तारी, गुफा से जली हड्डियां बरामद
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई. तकनीकी अनुसंधान और मानवीय सूचना के आधार पर पुलिस ने सात आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की. पूछताछ में आरोपियों ने कांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की. इसके बाद आरोपियों की निशानदेही पर दंडाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त मंझारी अंचलाधिकारी और रांची से पहुंची एफएसएल टीम की मौजूदगी में दावबुरु पहाड़ की गुफा में तलाशी ली गई. वहां से कुनी कुई और नामसी बिरुवा के जले हुए शवों के अवशेष (हड्डियां) बरामद किए गए. मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.
