Patna: बिहार के पारंपरिक शिल्प, स्थानीय उत्पादों और उद्यमियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए उद्योग विभाग ने पहल की है. बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (बियाडा) के माध्यम से 45वें इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (आईआईटीएफ) 2026 में राज्य के उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए पात्र कारीगरों, उद्यमियों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और उत्पादकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं. इच्छुक आवेदक 14 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.
स्थानीय उत्पादों को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान
इस पहल का उद्देश्य बिहार की समृद्ध कला-संस्कृति, पारंपरिक शिल्पकला और स्थानीय उद्यमिता से जुड़े विशिष्ट उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाना है. ट्रेड फेयर के माध्यम से राज्य के कारीगरों, शिल्पकारों और उद्यमियों को अपने उत्पाद राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने तथा नए बाजारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा.
इससे स्थानीय उत्पादकों को अपने कारोबार के विस्तार, उत्पादों की पहुंच बढ़ाने और संभावित ग्राहकों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है.
30 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन
इच्छुक और पात्र कारीगर, उद्यमी, एमएसएमई तथा उत्पादक बिहार सरकार के सिंगल विंडो क्लीयरेंस पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. आवेदन पोर्टल: [https://swc2.bihar.gov.in/investor/iitf](https://swc2.bihar.gov.in/investor/iitf)
आवेदन की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है. आवेदकों को निर्धारित अवधि के भीतर ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
उत्पादों की प्रस्तुति के बाद होगा अंतिम चयन
चयन प्रक्रिया के तहत पहले प्राप्त आवेदनों की प्रारंभिक छंटनी की जाएगी. इसके बाद चयनित आवेदकों को उद्योग विभाग के समक्ष अपने उत्पादों की भौतिक प्रस्तुति देनी होगी। निर्धारित मूल्यांकन प्रक्रिया के आधार पर अंतिम चयन किया जाएगा. चयनित आवेदकों के परिणाम संबंधित पोर्टल पर प्रकाशित किए जाएंगे.
उद्योग विभाग ने पात्र कारीगरों, उद्यमियों, एमएसएमई और उत्पादकों से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है. इस पहल के जरिए बिहार के पारंपरिक हुनर, स्थानीय उत्पादों और उद्यमशीलता को राष्ट्रीय बाजार में नई पहचान दिलाने की कोशिश की जा रही है.
