Patna: बिहार की उच्च एवं तकनीकी शिक्षा व्यवस्था को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक डिजिटल तकनीकों से जोड़ने की पहल शुरू की गई है. विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, बिहार सरकार और Google for Education की साझेदारी के तहत राज्य के शिक्षकों एवं प्राध्यापकों को निःशुल्क AI प्रशिक्षण देने तथा Google Workspace की सुविधाएं उपलब्ध कराने की पहल की गई है. इसका उद्देश्य शिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी, आधुनिक और तकनीक आधारित बनाना है.
84 सरकारी संस्थानों तक पहुंचेगी AI ट्रेनिंग
इस पहल के तहत राज्य के सभी 38 राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों और 46 राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों को शामिल किया गया है. इसी क्रम में 15 अक्टूबर को पटना स्थित तारामंडल सभागार में “Transforming Higher Education in Bihar with Generative AI – Google” विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें संबंधित संस्थानों के प्राचार्यों और मास्टर ट्रेनर्स ने भाग लिया.
प्रशिक्षण के जरिए शिक्षकों को AI आधारित शिक्षण तकनीकों और आधुनिक डिजिटल टूल्स के व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराया गया. मास्टर ट्रेनर्स अपने-अपने संस्थानों में दूसरे शिक्षकों के साथ प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान और कौशल साझा करेंगे, ताकि इस पहल का लाभ सभी 84 संस्थानों तक पहुंच सके.
Gemini और डिजिटल टूल्स के इस्तेमाल पर प्रशिक्षण
कार्यक्रम के तकनीकी सत्रों में Google for Education के प्रतिनिधियों ने Google Education Ecosystem, Digital Workspace, Gemini तथा Creative Pedagogy and Media जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया. इन सत्रों में AI की मदद से शिक्षण सामग्री तैयार करने, डिजिटल माध्यमों से सहयोग बढ़ाने और रचनात्मक शिक्षण पद्धतियों को अपनाने के तरीकों पर चर्चा हुई.
इस पहल से शिक्षकों को शैक्षणिक गतिविधियों और संस्थागत कार्यों को अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है. कार्यक्रम में प्रतिभागियों से फीडबैक भी लिया गया, ताकि उनकी जरूरतों और सुझावों के आधार पर भविष्य के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बेहतर बनाया जा सके.
AI का इस्तेमाल जिम्मेदारी से करने पर जोर
कार्यक्रम में विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव हिमांशु शर्मा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने की क्षमता है. हालांकि, इसका उद्देश्य केवल नई तकनीक अपनाना नहीं, बल्कि शिक्षण की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और शैक्षणिक कार्यों की प्रभावशीलता में सुधार करना होना चाहिए. उन्होंने AI के नैतिक, जिम्मेदार और विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि तकनीक के इस्तेमाल के दौरान मानवीय निर्णय, शैक्षणिक मूल्यों, डेटा की गोपनीयता और उत्तरदायित्व को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. उन्होंने मास्टर ट्रेनर्स की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रशिक्षण की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रतिभागी अपने संस्थानों में इस ज्ञान को किस तरह आगे साझा करते हैं.
डिजिटल बदलाव को गति देने की तैयारी
कार्यक्रम का शुभारंभ विभाग के निदेशक मनोरंजन कुमार के स्वागत संबोधन से हुआ. उन्होंने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा में डिजिटल परिवर्तन की आवश्यकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम की उपयोगिता पर प्रकाश डाला. कार्यक्रम का समापन संयुक्त निदेशक मंजीत कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ.
विभाग और Google for Education के बीच यह साझेदारी बिहार में शिक्षकों की AI एवं डिजिटल दक्षता बढ़ाने और विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है. मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से प्रशिक्षण का लाभ सभी 84 राजकीय इंजीनियरिंग एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है.
