Patna: कतरीसराय थाना क्षेत्र में 21 जुलाई को हुए कथित अपहरण और 2.5 लाख की फिरौती मांगने के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया. जांच में पता चला कि यह असली अपहरण नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश और साइबर ठगी का मामला था. पुलिस अपहृत शिव कुमार वर्मा को छपरा कचहरी से सकुशल बरामद कर लिया. घटना में शामिल तीन आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार आरोपी में नालंदा जिले के लहेरी थाना क्षेत्र के रामचन्द्रपुर बस स्टैंड के पास रहने वाले सुधीर कुमार, पटना जिले के धनरुआ थाना क्षेत्र के जलालपुर के रहने वाले जितेन्द्र कुमार और खगड़िया जिले क चौथम थाना क्षेत्र के भुतौली माल्या के रहने वाले अनुपम कुमार का नाम शामिल है.

क्या है मामला

कतरीसराय के चन्दन कुमार ने 21 जुलाई को आवेदन दिया कि उसका छोटा भाई शिव कुमार वर्मा पटना दवाई लाने गया था और वापस नहीं आया. उसी रात 12:45 बजे चन्दन के मोबाइल पर वाट्सएप कॉल आया कि उसके भाई को “साइबर थाना” ने पकड़ा है, छोड़ने के लिए 2.5 लाख भेजो. परिवार ने पैसे ट्रांसफर कर दिए. आवेदन के आधार पर कतरीसराय थाना (कांड सं. 354/26) में मामला दर्ज किया गया. नालंदा एसपी के निर्देश पर राजगीर एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष टीम बनी. जांच में सामने आया कि शिव कुमार वर्मा खुद साइबर ठगी गिरोह से जुड़ा था. वो 6% कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता गिरोह को उपलब्ध कराने गया था. टीम ने तकनीकी और मानवीय इनपुट के आधार पर शिव कुमार वर्मा को छपरा कचहरी से सकुशल बरामद कर लिया. घटना में शामिल तीन आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है.

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