Ranchi: केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा झारखंड के 9 नक्सल प्रभावित जिलों में चल रही एसएआरओ/IAPO योजना में बड़े बदलाव किए गए हैं. इसके तहत राज्य के विभिन्न जिलों में तैनात केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों और जैप की 6 कंपनियों को वापस लिया जाएगा और 11 पोस्ट/पिकेट को खाली किया जाएगा. झारखंड पुलिस मुख्यालय इसको लेकर आदेश जारी कर दिया है. यह निर्णय राज्य में नक्सल और अपराध की वर्तमान स्थिति की समीक्षा के बाद लिया गया है.
क्या होगा बदलाव
लोहरदगा, गुमला, लातेहार, गिरीडीह, जमशेदपुर और सरायकेला में स्थित 11 पोस्ट/पिकेट खाली की जाएंगी. इनमें तैनात कुल 383 जवान जिला प्रशासन को सौंपे जाएंगे. सबसे ज्यादा लातेहार में 3 पोस्ट और गिरीडीह में 3 पोस्ट खाली होंगी. इसके अलावा खूंटी, पलामू, गढ़वा, लातेहार, गिरीडीह और जमशेदपुर के 18 पोस्ट/पिकेट से अतिरिक्त तैनात 851 जवानों में से 556 जवान प्रशासनिक रूप से रखे जाएंगे, जबकि 295 जवानों को तुरंत प्रभाव से उनकी पैतृक वाहिनी वापस भेजा जाएगा. पलामू जिले से सबसे ज्यादा 70 जवान वापस होंगे.
जैप समादेष्टा और आईआरबी की कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे जवानों की सूची एसपी को भेजें ताकि उन्हें वापस बुलाया जा सके. रांची, जमशेदपुर, गुमला, खूंटी, लातेहार, गिरीडीह, सरायकेला, पलामू और गढ़वा के एसपी को कहा गया है कि वे खाली हुए पोस्ट/पिकेट की सुरक्षा व्यवस्था जिला पुलिस बल से सुनिश्चित करें. गृह मंत्रालय का मानना है कि राज्य में नक्सल गतिविधियों में कमी आई है, इसलिए बलों का युक्तिकरण किया जा रहा है.
