Ranchi: झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने मनरेगा और झारखंड स्टेट वॉटरशेड मिशन के कर्मियों के लिए दो-दिवसीय राज्य स्तरीय AI आधारित क्षमता निर्माण प्रशिक्षण शुरू किया है. SIRD रांची में 11-12 जून तक चलने वाले इस कार्यक्रम में पुणे-बेंगलुरु के ख्यातिप्राप्त एक्सपर्ट डेटा एनालिटिक्स और AI के गुर सिखा रहे हैं. AI सपोर्ट सेल के कोऑर्डिनेटर विनोद कुमार पांडे ने पहले दिन बताया कि सिर्फ AI काफी नहीं है. बेहतर और जनोपयोगी फैसलों के लिए AI को मानव अनुभव, क्षेत्रीय समझ और व्यावहारिक ज्ञान के साथ जोड़ना जरूरी है. तभी सही नतीजे मिलेंगे.
प्रशिक्षण का मकसद
सरकारी कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए जमीनी कर्मियों की कार्यकुशलता बढ़ाना, डेटा विश्लेषण, योजना निर्माण और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करना। अपर मनरेगा आयुक्त और विशेष कार्य पदाधिकारी मनरेगा भी कार्यक्रम में मौजूद रहे. यह पहल ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह के उस विजन का हिस्सा है जिसमें अत्याधुनिक तकनीकों से सरकारी कामकाज को मजबूत किया जा रहा है. AI सपोर्ट सेल के जरिए झारखंड के ग्रामीण प्रशासन में AI को संस्थागत किया जा रहा है. इससे ‘डेटा-ड्रिवन गवर्नेंस’ की नींव मजबूत होगी.
क्या होगा फायदा
पारदर्शिता: डेटा-आधारित फैसलों से योजनाओं की मॉनिटरिंग बेहतर होगी.
तेजी: सरकारी तंत्र की कार्यकुशलता बढ़ेगी.
सेवा वितरण: ग्रामीण योजनाओं का जमीनी क्रियान्वयन परिणामोन्मुख होगा.
