Patna: संगठित अपराध पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कुचायकोट थाना क्षेत्र के बखरी निवासी कुख्यात अपराधी अमरेश शाही द्वारा अपराध से अर्जित लगभग 14 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति का खुलासा किया है. मामले में PMLA, 2002 के तहत कार्रवाई के लिए EOU पटना को प्रस्ताव भेजा गया है. अमरेश शाही के विरुद्ध कुचायकोट थाना में पहले से 5 गंभीर मामले दर्ज हैं. गोपालगंज पुलिस ने कहा है कि जिले के अन्य ऐसे अपराधियों को भी चिन्हित किया गया है जिन्होंने संगठित अपराध के माध्यम से अवैध संपत्ति अर्जित की है. सभी मामलों में PMLA 2002 के तहत कार्रवाई जारी है. पुलिस संगठित एवं आर्थिक अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए प्रतिबद्ध है.
क्या था मामला
कुचायकोट थाना (कांड संख्या-76/26) में दर्ज मामले के अनुसंधान के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि अमरेश शाही लंबे समय से संगठित आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहकर अपराध से अर्जित धन के माध्यम से व्यापक चल एवं अचल संपत्तियां अर्जित कर रहा था.
जांच में क्या मिला
जिला निबंधन कार्यालय, जिला परिवहन कार्यालय, विभिन्न बैंकों एवं अन्य विभागों के अभिलेखों की जांच में पाया गया कि आरोपी ने स्वयं एवं अपने परिजनों के नाम पर कृषि भूमि, आवासीय भूमि, महंगा आवासीय भवन, ट्रक, बस, JCB, स्कॉर्पियो, बोलेरो, कार सहित अन्य कई मूल्यवान चल-अचल परिसंपत्तियां अर्जित की हैं.
14 करोड़ की संपत्ति चिह्नित
उपलब्ध साक्ष्यों के अनुसार अब तक चिन्हित चल एवं अचल परिसंपत्तियों का कुल अनुमानित मूल्य लगभग 14 करोड़ रुपये है. अनुसंधान में यह भी सामने आया कि अमरेश शाही द्वारा आयकर विवरणी प्रस्तुत नहीं की गई है और उपलब्ध वैध आय के स्रोतों से इतनी विशाल परिसंपत्तियों का अर्जन संभव प्रतीत नहीं होता. प्रथम दृष्टया स्पष्ट है कि ये संपत्तियां अपराध से अर्जित धन “Proceeds of Crime” से निर्मित/अर्जित की गई हैं.
PMLA के तहत कार्रवाई
उक्त तथ्यों के आलोक में अभियुक्त के विरुद्ध PMLA, 2002 के तहत आवश्यक कार्रवाई के लिए विस्तृत प्रतिवेदन आर्थिक अपराध इकाई EOU पटना को अग्रसारित किया गया है.
