Patna: ग्रामीण क्षेत्रों में सुदृढ़ सड़क संपर्कता सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा कार्यों की गुणवत्ता की लगातार निगरानी की जा रही है. विभाग ने जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत निर्माण कार्यों और पंचवर्षीय अनुरक्षण में लापरवाही बरतने वाले संवेदकों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करते हुए राज्य के कुल आठ संवेदकों को तीन से चार वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है.

ग्रामीण कार्य विभाग ग्रामीण सड़कों के निर्माण एवं अनुरक्षण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर काफी गंभीर है. ग्रामीण सड़कों के निर्माण एवं अनुरक्षण से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता, अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन अथवा गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जा रहा है. उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तथा बिहार ग्रामीण पथ अनुरक्षण नीति के तहत निर्मित पथों के पंचवर्षीय अनुरक्षण कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में कुल चार संवेदकों को अगले चार वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया है. वहीं, मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना, बिहार ग्रामीण पथ अनुरक्षण नीति तथा ग्रामीण टोला सम्पर्क निश्चय योजना के अंतर्गत आवंटित पथों के निर्माण कार्य को अधूरा छोड़ने, कार्य में अनावश्यक विलंब करने तथा विभाग को भ्रामक जानकारी उपलब्ध कराने के आरोप में चार अन्य संवेदकों को तीन वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया है.

बता दें कि विभागीय समीक्षा में पाया गया है कि संबंधित संवेदकों द्वारा कार्य निष्पादन में अपेक्षित गंभीरता और जवाबदेही का पालन नहीं किया गया है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हुए हैं. ग्रामीण कार्य विभाग ग्रामीण द्वारा ग्रामीण सड़कों और पुलों के निर्माण में गुणवत्ता के साथ किसी तरह का समझौता न करने की नीति अपनाई जा रही है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण सड़कों और पुलों के निर्माण के साथ बारहमासी संपर्कता सुनिश्चित करने के लिए विभाग कृतसंकल्पित है.

 

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