Patna: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि मेगा जॉब फेयर-2026 के माध्यम से 115 से अधिक नियोक्ताओं की सहभागिता से 20,226 युवक-युवतियों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं. इनमें 3,940 युवाओं को बिहार में, 36 दिव्यांगजनों को और 476 युवाओं को विदेशों में रोजगार मिला है. मुख्यमंत्री रविवार को युवा, रोजगार एवं कौशल विभाग द्वारा सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र, ज्ञान भवन में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण एवं समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए और इंडिया स्किल विजेताओं को सम्मानित किया, जो चीन के शंघाई में विश्व कौशल प्रतियोगिता-2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे.
हर जिले में लगेगा नियोजन मेला
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले वर्ष से बिहार के प्रत्येक जिले में नियोजन मेले की व्यवस्था की जाएगी. पहले प्रदेश एवं प्रमंडल स्तर पर मेले लगते थे. उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ लोगों को नौकरी एवं रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य है. वर्ष 2020-2026 में साढ़े 11 लाख सरकारी नौकरी और 51 लाख लोगों को रोजगार दिया गया है. उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि किसी को जीवन-यापन के लिए बिहार से बाहर न जाना पड़े.
कौशल विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार कौशल विकास मिशन के माध्यम से 25 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है. कुशल युवा कार्यक्रम के तहत 12 लाख युवाओं को प्रमाण पत्र मिल चुके हैं. राज्य में 5 रुपये में पॉलिटेक्निक और 10 रुपये में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कराई जा रही है. 511 मॉडल स्कूल खोले गए हैं जहां रात 11 बजे तक लाइव क्लास की सुविधा है. उन्होंने पटना में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर स्थापित करने के लिए भारत सरकार से आग्रह करने की बात कही ताकि विदेशी निवेश से युवाओं को रोजगार मिल सके.
3 नए प्रशिक्षण केंद्रों का उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से 3 केंद्रों का शुभारंभ किया. मानसिक रोग से स्वस्थ हुए व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए भोजपुर में मानसिक स्वास्थ्य संस्थान, दिव्यांगजन एवं ट्रांसजेंडर समुदाय के कौशल विकास एवं आजीविका संवर्द्धन केंद्र और प्रस्थान पूर्व उन्मुखीकरण प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया गया. समारोह में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, विजेंद्र प्रसाद यादव, मंत्री अरुण शंकर प्रसाद सहित कई वरीय अधिकारी और नियोक्ता उपस्थित थे.
