Patna: उप मुख्यमंत्री सह शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने मंगलवार को शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि राज्य के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान करना हमारा अंतिम लक्ष्य है. हम जो भी नीतियां, टेक्नोलॉजी, प्रशिक्षण मॉड्यूल बनाते हैं, उसका अंतिम फलाफल बच्चों को बेहतर से बेहतर शिक्षा प्राप्त कराना है. इसके पूर्व उन्होंने विभागीय सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की.

उपमुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि शिक्षक पूरी ईमानदारी से शिक्षा दें उनकी विद्यालय में निर्धारित अवधि तक अनिवार्य रूप से उपस्थिति होनी चाहिए. विद्यालय में शिक्षण कार्य के दौरान किसी प्रकार की कोताही नहीं हो. शिक्षकों के स्थानांतरण और पदस्थापन पर उन्होंने कहा कि सॉफ्टवेयर मेक्नीज्म को और अधिक पारदर्शी बनायें. शिक्षकों की बहाली के उपरांत उनके प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि उनके द्वारा प्राप्त की गई गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण बच्चों के शैक्षणिक विकास में लाभकारी साबित होगा. उन्होंने एनजीओ के साथ संबद्ध शैक्षणिक कार्यक्रमों का समय-समय पर उसके परिणाम और प्रभाव पर समीक्षा करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दी.

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया के साथ-साथ शिक्षकों के प्रशिक्षण मॉड्यूल पर विशेष ध्यान दिया जाए. कक्षा-कक्ष अवलोकन शिक्षक प्रशिक्षण, कौशल विकास तथा एनजीओ के कार्य दायित्व एवं परिणामों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित किया जाए. प्रशिक्षण के उपरांत शैक्षणिक गुणवत्ता में क्या सकारात्मक परिवर्तन आया है, इसका मूल्यांकन नियमित रूप से करें। उन्होंने कहा कि पूरे शैक्षणिक कवायद का अंतिम लक्ष्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना ही है, यही हमारा मुख्य उदेश्य है.

वहीं प्राथमिक शिक्षा निदेशक श्री विक्रम विरकर द्वारा विभाग में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत जानकारी पीपीटी के माध्यम से दी गई, जिसमें सात निश्चय- 3 के अंतर्गत प्रक्रियाधीन प्रत्येक प्रखंड में मॉडल स्कूल, स्थानांतरण नीति, पुस्तकालय पात्रता परीक्षा, पीएमश्री पोषण योजना, पाठ्य पुस्तकें, एनजीओ संबद्धता आदि के संबंध में बिन्दुवार प्रस्तुतीकरण किया गया. बैठक में निदेशक प्रशासन मनोरंजन कुमार सहित विभाग के अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित रहे.

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