Ranchi: गुमला जिले के पालकोट थाना क्षेत्र के तपकारा गांव में हुई नाबालिग लड़की की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने एक खौफनाक खुलासा किया है. जिस पिता ने दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी, वही अपनी ही बेटी का हत्यारा निकला. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता चैतु उरांव उर्फ चैतु लकड़ा (50 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. आरोपी ने पुलिस के समक्ष अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है.

क्या था मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, 25 सितंबर 2026 को तपकारा निवासी चैतु लकड़ा ने पालकोट थाने में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि 24 सितंबर की शाम अज्ञात लोगों ने उसकी नाबालिग बेटी को अचेत अवस्था में घर के बरामदे में छोड़ दिया था. उसने बेटी के साथ दुष्कर्म की आशंका जताते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था. पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। इलाज के दौरान 26 सितंबर को रिम्स (रॉँची) में पीड़िता की मौत हो गई थी. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गुमला एसपी ने एसडीपीओ बसिया के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल बोर्ड की समीक्षा तथा तकनीकी एवं मानवीय साक्ष्यों के आधार पर यौन उत्पीड़न की पुष्टि नहीं हुई. इससे पुलिस का संदेह गहरा गया.

परिजनों से पूछताछ में खुली पोल

जब पुलिस ने परिजनों से अलग-अलग और गहनता से पूछताछ की, तो परत-दर-परत सच सामने आ गया. परिजनों ने बताया कि 24 सितंबर को खुद चैतु लकड़ा ने ही जान से मारने की नीयत से अपनी नाबालिग बेटी का गला दबाया था. इतना ही नहीं, उसने परिवार के सभी सदस्यों को धमकी दी थी कि यदि किसी ने इस घटना के बारे में किसी को बताया तो वह उनके साथ भी ऐसा ही करेगा. अनुसंधानकर्ता द्वारा परिजनों के बयानों को न्यायालय में दर्ज कराया गया. इसके बाद रविवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता चैतु उरांव को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


You missed