Patna: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि मानव तस्करी के खिलाफ राज्य सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है. सरकार का लक्ष्य केवल तस्करी से मुक्त कराए गए लोगों की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए पुनर्वास, कौशल विकास, रोजगार और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना है. मुख्यमंत्री शनिवार को पटना के ज्ञान भवन में गृह विभाग, बिहार द्वारा आयोजित ‘गुमशुदा बच्चों और मानव तस्करी पर पूर्वी क्षेत्रीय सम्मेलन’ के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे

‘नया सवेरा 3.0’ से अभियान को मिलेगी व्यापकता

सम्मेलन का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘नया सवेरा’ 1.0 और 2.0 की सफलता के बाद अब ‘नया सवेरा 3.0’ अभियान के माध्यम से मानव तस्करी की रोकथाम, पीड़ितों के बचाव, जन-जागरूकता और पुनर्वास के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और कौशल विकास (Skill Development) के अवसर बढ़ाकर मानव तस्करी और पलायन के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

त्वरित कार्रवाई और रियल टाइम मॉनीटरिंग: 1200 से अधिक बच्चे बरामद

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों का लापता होना और मानव तस्करी एक गंभीर चिंता का विषय है. बिहार में इस दिशा में सख्त कदम उठाए गए हैं. लापता बच्चों और व्यक्तियों के मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए राज्य में रियल टाइम मॉनीटरिंग व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत अब तक 1,200 से अधिक लापता बच्चों की सफल रिकवरी हो चुकी है. राज्य में महिलाओं की पुलिस बल में बड़ी भागीदारी के साथ-साथ ‘स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट’ का गठन किया गया है. शिकायतों का 30 दिनों में निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए आयोजित ‘सहयोग शिविरों’ के माध्यम से प्राप्त 6 लाख में से 5.50 लाख से अधिक आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है. “यदि किसी पीड़ित को अधिकारी स्तर पर न्याय नहीं मिलता है, तो हम स्वयं प्रत्येक माह के दूसरे मंगलवार को मामलों की सुनवाई करते हैं. पिछली सुनवाई में आए 129 आवेदनों में से 100 का ऑन-द-स्पॉट समाधान किया गया.”

औद्योगिक विकास और रोजगार से रुकेगा पलायन

मानव तस्करी की रोकथाम के लिए पलायन पर नियंत्रण को महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में औद्योगिक निवेश से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. हाल ही में विभिन्न स्टील उद्योग समूहों के साथ 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक के MoU पर हस्ताक्षर किए गए हैं. राज्य में ऐसा वातावरण तैयार किया जा रहा है जिससे राज्य की प्रतिभाओं को ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि’ की ओर लौटने का अवसर मिले. इसके अलावा, उन्होंने राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए बाढ़ नियंत्रण, जल प्रबंधन तथा गंगा, गंडक (नारायणी) और कोसी जैसी प्रमुख नदियों को जोड़ने की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला.

सम्मेलन में ये दिग्गज रहे मौजूद

कार्यक्रम के दौरान मानव तस्करी के दुष्प्रभावों और बचाव पर आधारित एक वीडियो फिल्म भी प्रदर्शित की गई. महाधिवक्ता ने अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंटकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया. सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए० अमानुल्लाह, पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद, न्यायमूर्ति मोहित जे० शाह, दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व न्यायाधीश मुक्ता गुप्ता. एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अर्चना पाठक दवे, बिहार के महाधिवक्ता एसडी संजय, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार, भूतपूर्व आईपीएस पीएम नायर तथा वरिष्ठ अधिवक्तागण उपस्थित थे.

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