Patna: बिहार की जेलों के संचालन में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी. आईजी कारा एवं सुधार सेवाएं रजनीश कुमार सिंह ने 25 जून को सभी काराधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अहम बैठक की और 15 कड़े निर्देश जारी किए. बैठक में अनुपस्थित पाए गए काराधीक्षकों पर स्पष्टीकरण के साथ कारणपृक्षा मांगी गई है. आईजी कारा ने साफ किया कि अब कोई भी काराधीक्षक बिना उन्हें पूर्व सूचित किए मुख्यालय नहीं छोड़ेगा. बिहार कारा हस्तक 2012 के प्रावधानों और विभागीय निदेशों का दृढ़तापूर्वक शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया.
बंदियों के खाने-पीने और स्वास्थ्य पर फोकस
डायट चार्ट: सभी बंदियों को निर्धारित डायट चार्ट के अनुसार ही आहार दिया जाए. आहार की गुणवत्ता और मात्रा सही हो.
विशेष आहार: वृद्ध, बीमार और गर्भवती महिला बंदियों को विशेष आहार देना अनिवार्य.
मासिक स्वास्थ्य शिविर: बंदियों की नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए हर माह चिकित्सा शिविर लगाए जाएं.
जेल रेडियो: कारा चिकित्सक जेल रेडियो के माध्यम से बंदियों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देंगे.
सफाई और ‘ग्रीन कैंपस’ पर निर्देश
बंदी वार्ड, पाकशाला और शौचालय की सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा गया. राज्य की सभी काराओं को ‘ग्रीन कैंपस’ बनाने के लिए जेल परिसर की दीवार के अंदर बागवानी शुरू करने का निर्देश दिया गया. इसमें फूल-पौधे, छोटे पेड़, औषधीय पौधे और मसालों की खेती होगी.
वित्तीय अनुशासन
सभी काराधीक्षकों को अपनी जेल का विद्युत लोड ऑडिट कराने का आदेश दिया गया. अनावश्यक बिजली उपकरण तुरंत बंद करें. आईजी ने दो टूक कहा कि काराओं में ‘प्राइवेट मेश’ का संचालन कतई स्वीकार्य नहीं होगा. दोषी पाए जाने पर संबंधित काराधीक्षक पर कठोर कार्रवाई होगी.
सुरक्षा और सुधार पर जोर
अलग-अलग वार्ड: कुख्यात बंदियों को सामान्य बंदियों से अलग रखा जाए. तरुण बंदियों और पहली बार अपराध करने वालों को बिल्कुल अलग वार्ड में रखा जाए.
शिक्षा: सभी तरुण बंदियों का शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में 100% नामांकन सुनिश्चित हो.
बंदी दरबार: बंदियों की समस्याएं सुनने के लिए नियमित ‘बंदी दरबार’ आयोजित किया जाए.
कर्मशाला: बंदियों को सुधारात्मक कार्यों में लगाकर कारा कर्मशाला में नई सामग्री का उत्पादन कराया जाए.
