Patna: राज्य के महाविद्यालय विहीन प्रखंडों के छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है. उच्च शिक्षा विभाग 1 जुलाई से 211 नए डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई शुरू कराने की तैयारी में जुट गया है. इसके लिए प्राचार्यों की नियुक्ति के साथ शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मियों की तैनाती का काम तेज कर दिया गया है.
क्या है सात निश्चय-3 का चौथा निश्चय
राज्य सरकार ने सात निश्चय-3 के चौथे निश्चय ‘उन्नति शिक्षा उन्नति भविष्य’ के तहत डिग्री महाविद्यालय विहीन सभी प्रखंडों में नए कॉलेज खोलने का फैसला लिया है. बिहार के 534 प्रखंडों में से 211 प्रखंडों में अभी तक एक भी अंगीभूत या संबद्ध डिग्री कॉलेज नहीं था। छात्रों को पढ़ाई के लिए दूसरे प्रखंडों या जिलों में जाना पड़ता था.
मुख्यमंत्री के निर्देश पर एक्शन
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर उच्च शिक्षा विभाग ने नए सत्र से पढ़ाई शुरू करने का टारगेट सेट किया है. विभाग नए डिग्री कॉलेजों में प्राचार्य, विषयवार शिक्षक और नॉन-टीचिंग स्टाफ की तैनाती कर रहा है.
संसाधन जुटाने पर जोर
विभाग का कहना है कि 1 जुलाई से पहले सभी कॉलेजों में बुनियादी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे. क्लासरूम, लैब, लाइब्रेरी और फर्नीचर की व्यवस्था की जा रही है ताकि तय समय पर पढ़ाई शुरू हो सके.
उच्च शिक्षा निदेशक ने क्या कहा
उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. एनके अग्रवाल ने बताया, “राज्य सरकार के निर्देशानुसार 1 जुलाई से 211 नए डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई शुरू करने के लिए कार्रवाई की जा रही है. प्राचार्यों की पोस्टिंग लगभग पूरी हो चुकी है. शिक्षकों की तैनाती प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है.”
छात्रों को मिलेगा सीधा फायदा
211 प्रखंडों में कॉलेज खुलने से हजारों छात्रों को घर के पास ही ग्रेजुएशन करने का मौका मिलेगा. खासकर लड़कियों और गरीब परिवार के छात्रों को इसका सबसे ज्यादा लाभ होगा, जिन्हें दूरी की वजह से पढ़ाई छोड़नी पड़ती थी.
