Patna: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार और लापरवाही पर मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने बड़ा प्रहार किया है. 2021 से गायब कानूनगो सोनी कुमारी को सेवा से बर्खास्त करने की अनुशंसा की गई है. वहीं रिश्वत लेते पकड़े गए मधुबनी के सीओ और शराब के नशे में मिले भोजपुर के राजस्व अधिकारी समेत 8 अधिकारियों-कर्मियों पर आरोप पत्र गठित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है. इससे पहले 23 अंचल अधिकारियों पर कार्रवाई हो चुकी है ताजा 9 मामलों के साथ अब तक कुल 32 अंचल अधिकारियों एवं राजस्व अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई हो चुकी है. इसे विभाग का अब तक का सबसे बड़ा जवाबदेही अभियान माना जा रहा है. राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार, लापरवाही, मनमानी और जनता के काम में देरी किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी. राजस्व प्रशासन को जवाबदेह और पारदर्शी बनाने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी.
मंत्री ने 5 जून को फाइलों पर लिए फैसले
राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने 5 जून को संचिकाओं पर निर्णय लेते हुए भ्रष्टाचार, अनियमितता, कर्तव्यहीनता और विभागीय आदेशों की अवहेलना पर कड़े कदम उठाए. इसमें सेवा से बर्खास्तगी, पेंशन कटौती और विभागीय कार्यवाही शामिल है.
सबसे बड़ी मार कानूनगो पर
2021 से अनाधिकृत रूप से गायब राजस्व अधिकारी-सह-कानूनगो सोनी कुमारी को सेवा से बर्खास्त करने की अनुशंसा की गई है. बार-बार स्पष्टीकरण मांगने के बावजूद उन्होंने जवाब नहीं दिया और विभागीय कार्यवाही में भी शामिल नहीं हुईं.
रिटायर्ड सीओ की पेंशन कटी, 4 सीओ पर आरोप पत्र
सेवानिवृत्त अंचल अधिकारी नवीन भूषण पर दाखिल-खारिज में फीफो नियम तोड़ने और राजस्व वसूली में लापरवाही साबित होने पर एक साल तक पेंशन में 5% कटौती का दंड लगा. वहीं मोहनपुर, गया के तत्कालीन राजस्व कर्मचारी राजेश कुमार, बरौली, गोपालगंज के सीओ प्रशांत कुमार, किशनपुर, सुपौल की सीओ सुशीला कुमारी और महुआ, वैशाली के सीओ मणि कुमार वर्मा पर आरोप पत्र गठित हुए हैं. इन पर ‘पिक एंड चूस’ नीति अपनाने, फाइलें दबाने, अनाधिकृत रूप से गायब रहने और महाअभियान में रुचि न लेने के आरोप हैं.
रिश्वतखोर सीओ और नशेड़ी अफसर पर गाज
मधुबनी के तत्कालीन सीओ अभय कुमार को जुलाई 2025 में निगरानी ब्यूरो ने रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था. उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ाई गई है. भोजपुर के राजस्व अधिकारी दयाशंकर झा पर विभागीय कार्यवाही चलेगी. उन पर सिपाही भर्ती परीक्षा में ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में पाए जाने का आरोप है. कैमूर की तत्कालीन सीओ शशि सिंह को दाखिल-खारिज में एक जैसे आदेश और प्रक्रियागत गड़बड़ी पर भविष्य के लिए चेतावनी दी गई है.
