Patna: बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही सड़क एवं पुल निर्माण परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने को लेकर ग्रामीण कार्य विभाग गंभीर है. इस दिशा में विभाग के अभियंता प्रमुख-सह-अपर आयुक्त-सह-विशेष सचिव निर्मल कुमार के निर्देश पर राजधानी पटना स्थित विश्वेश्वरैया भवन में प्रमंडलवार समीक्षा बैठकों का दौर जारी है. इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य अधूरी योजनाओं की एमआईएस पर अद्यतन स्थिति की विस्तृत जांच करना और जमीनी स्तर पर आ रही समस्याओं का त्वरित निवारण कर निर्माण कार्य में तेजी लाना है.

विगत 20 अप्रैल को मुजफ्फरपुर, मोतिहारी और छपरा प्रमंडल के कार्यों की समीक्षा की गई थी. इन प्रमंडलों की योजनाओं में आ रही जमीनी बाधाओं का त्वरित निवारण कर निर्माण कार्य को तेज करने के आवश्यक निर्देश दिए गए हैं. वहीं विगत 21 अप्रैल से सीवान, मुंगेर और भागलपुर प्रमंडल की परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की जा रही है. इसके अलावा आगामी 27 अप्रैल को गया और औरंगाबाद प्रमंडल तथा 28 अप्रैल को बेतिया और बेगूसराय प्रमंडल के कार्यों की गहन समीक्षा की जाएगी.

गौरतलब है कि सभी संबंधित सहायक अभियंताओं को पटना स्थित विभागीय मुख्यालय में आयोजित बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है. साथ ही उन्हें प्रशासनिक स्वीकृति, निविदा आमंत्रण, कार्य आवंटन आदेश, लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस, एकरारनामा, योजनावार एमआईएस प्रगति प्रतिवेदन, भूमि विवाद की स्थिति से संबंधित स्ट्रिप चार्ट तथा पर्ट चार्ट सहित कुल आठ अनिवार्य दस्तावेज साथ लाने का निर्देश दिया गया है.

वहीं सभी कनीय अभियंताओं और तकनीकी पर्यवेक्षकों को अपने-अपने कार्यस्थलों से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस बैठक में अनिवार्य रूप से जुड़ने का निर्देश दिया गया है. ग्रामीण कार्य विभाग तय समय में योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और ग्रामीण आधारभूत संरचना के विकास में समयबद्धता, गुणवत्ता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है.

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